घोरावल। ब्लॉक के कुसुम्हा गांव में स्थित लिफ्ट कैनाल दुर्व्यवस्था का शिकार हो गया है। यहां के जले ट्रांसफार्मर की तीन माह से अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र में अब तक बारिश कम होने से किसानों की खेती प्रभावित हो रही है।
खेती बाड़ी में मझोले-छोटे आकार के सिंचाई परियोजनाओं के महत्व को देखते हुए तत्कालीन सिंचाई मंत्री पं. लोकपति त्रिपाठी ने 80 के दशक में कुसुम्हा लिफ्ट कैनाल की सौगात दी थी। बेलन नदी में स्थापित इस सिंचाई परियोजना से अहरौरा, कुसुम्हा, राजिम, बकौली समेत आधा दर्जन गांवों के किसानों को लाभ मिलना था। परियोजना के लिए बिजली आपूर्ति बिसरेखी सब स्टेशन से की जाती थी। बिजली की जरूरत को देखते हुए इस लिफ्ट कैनाल के लिए तत्कालीन विधायक इं. रमेशचंद्र दूबे के प्रयासों से उनके कार्यकाल में 33 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। यह लिफ्ट कैनाल दुर्व्यवस्था का शिकार रहा। यह कभी भी अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाया। आधा दर्जन गांवों में सिंचाई के लिए स्थापित इस सिंचाई परियोजना का लाभ अब तक कुसुम्हा के अलावा किसी भी गांव को नहीं मिल पाया। वर्तमान में पिछले तीन माह से यहां का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। रिपेयरिंग के लिए संबंधित विभाग एक महीने पूर्व इसे ले गया और तब से इसका कोई अता पता नहीं है। किसान नेता लालजी तिवारी का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से बेलन नदी में पानी है और धान की रोपाई के लिए पानी की जरूरत है। लेकिन ट्रांसफार्मर न होने से बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस संबंध में विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता एससी यादव ने बताया कि कुसुम्हा लिफ्ट कैनाल का 33 केवीए का ट्रांसफार्मर खराब होने का मामला उनके संज्ञान में है। इस ट्रांसफार्मर को रिपेयरिंग के लिए वाराणसी के वर्कशॉप में भेजा गया है, जहां इसे दुरुस्त किया जा रहा है। रिपेयरिंग होने के बाद अगले चार पांच दिनों में यह ट्रांसफार्मर निर्धारित स्थान पर लगा दिया जाएगा।