सोनभद्र। राबर्ट्सगंज में स्थित कांशीराम शहरी आवासों में ज्यादातर बाहरी लोगों का कब्जा है। यहां रहने वालों का कहना है कि बाहरी अवांछनीय लोग आवासों में देर रात आते-जाते हैं। इससे दहशत बनी रहती है। सुरक्षा का भी कोई इंतजाम नहीं है। आवासों में सफाई के हालात भी बदतर हैं। नालियां जाम पड़ी हैं और कभी-कभार ही सफाई करने वाले आवासों पर पहुंचते हैं।
राबर्ट्सगंज के रेलवे स्टेशन के पास स्थित कांशीराम शहरी आवासों में रहने वाले यहां की समस्याओं से खासे परेशान हैं। यह परेशानी उन लोगों की वजह से बताई जा रही, जिन्हें आवास तो आवंटित हुए लेकिन उन्होंने उसे किराये पर दे दिया। किराये पर रहने वाले कौन हैं, उनका सत्यापन तक नहीं हो सका है। देर रात आवासों में लोगों का आना जाना लगा रहता है, जिससे अन्य लोग परेशान हैं। मुन्नी देवी कहती हैं कि आवासों के उतरी तल पर पानी नहीं चढ़ता है। इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। काजल कहती हैं कि आवासों के चारों ओर गंदगी है। नालियां जाम पड़ी हैं। कचरे जहां-तहां पड़े हुए हैं। सफाई करने वाले आते ही नहीं। अमरनाथ कहते हैं कि जिनके नाम से आवास आवंटित है, उसमें से ज्यादातर लोगों ने उसे किराये पर दे दिया है। ज्यादातर लोग कब्जा करके आवास में रह रहे हैं। यहां के लोग विरोध करने पर डरते हैं। किरन कहती हैं कि आवासों में सफाई करने के लिए सप्ताह में एक दो ही कर्मचारी आते हैं और झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। किराये पर न जाने कैसे-कैसे लोग रहते हैं। देर रात लोग आते-जाते हैं जिससे परेशानी होती है। हेरोइनबाजों से हमेशा भय बना रहता है। यहां के रामलाल, मंजू, बेबी, विवेक, सुनीता, प्रमिला, गणेश, रवि का कहना है कि रात में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। अवांछनीय तत्वों पर किसी तरह का शिकंजा नहीं है। इससे आवास के लोग अक्सर सहमे रहते हैं।
टीम लगाकर कराई जाती है सफाई
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार कहते हैं कि कांशीराम आवासों में नियमित रूप से सफाई होती रहती है। लेकिन सप्ताह में एक दिन विशेष टीम लगाकर सफाई कराया जाता है। टीम भेजकर दिखवाया जाएगा कि कहां, कहां गंदगी है। विशेष अभियान के तहत सफाई कराई जाएगी।