अंबेडकर चौराहे पर रेणु नदी पर पुल एवं ओबरा सी में रोजगार की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहे 111 ग्रामीणों का बेमियादी अनशन मंगलवार की शाम समाप्त हो गया। सदर एसडीएम डॉ. अंकुर लाठर ने अनशनकारियों को रेणु नदी पर पुल का निर्माण कराने के लिए नए सिरे से शासन को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने महिला अनशनकारी को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
एसडीएम ने कहा कि ओबरा सी निर्माण के कारण पूर्व में प्रस्तावित चकाड़ी के पास रेणु नदी पर पुल निर्माण संपर्क मार्ग के अनुलब्धता के कारण बीते 17 सितंबर को शासन से निरस्त हो गया है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि पुल निर्माण के लिए पुन: प्रस्ताव तैयार करवाकर शासन को भेजा जाएगा। इसके लिए स्थलीय निरीक्षण कर उचित स्थान का चयन किया जाएगा। अनशन स्थल से निकल कर उन्होंने अनशनकारियों के प्रतिनिधि मंडल एवं ओबरा तापीय परियोजना के अधिकारियों के साथ पुल निर्माण के लिए खैरटिया गांव स्थित ओम चौराहे का दौरा भी किया। वहीं व्यस्तता के कारण पुन: बुधवार को ओबरा पहुंचकर सभी पहलुओं की गहनता से जांच करने की बात भी कही। ग्रामीणों की दूसरी मांग ओबरा सी में रोजगार को लेकर भी उन्होंने योग्यता के आधार पर रोजगार दिलाने का आश्वासन भी दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे इंटक नेता हरदेव नारायण तिवारी, रमेश सिंह यादव, बृजेश तिवारी कहा कि पुल निरस्त किए जाने की जानकारी शासन प्रशासन को इतने माह बीतने के बावजूद ग्रामीणों को नहीं दी गई। रेणुका पार के ग्रामीण इससे अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस दौरान इं. कैलाश गुप्ता, इं. राजीव कुमार, आरपी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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इनसेट
खनन चेकपोस्ट पर छापा
ओबरा। अनशनकारियों से वार्ता करने पहुंचीं सदर एसडीएम डॉ. अंकुर लाठर ने मंगलवार की शाम बग्घानाला स्थित खनिज चेकपोस्ट पर छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने दस्तावेजों को खंगालते हुए मौके पर मौजूद कैश की भी गिनती कराई। उन्होंने बताया कि कैश और काटे गए पर्चियों का मिलान किया जाएगा। इसमें यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।