सोनभद्र। जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वहीं, वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में जीत हासिल कर ग्राम प्रधान बने 650 लोगों के अलावा 700 बीडीसी और 7000 ग्राम पंचायत सदस्यों की जमानत राशि जब्त कर ली गई है। चुनाव में खर्च का ब्योरा न देने वालों की जमानत राशि वापस नहीं की गई। जबकि निर्वाचन कार्यालय की तरफ से कई बार संबंधित लोगों को खर्च का विवरण देने को कहा गया था।
जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में आदर्श आचार संहिता के पालन में डिफाल्टर रहे लोगों की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 2015 में राबर्ट्सगंज, घोरावल, नगवां, चतरा, चोपन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक के 637 ग्राम पंचायतों में प्रधान, 834 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 7881 ग्राम पंचायत सदस्य चुने गए थे। ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य बने लोगों ने दो-दो हजार रुपये और ग्राम पंचायत सदस्यों ने पांच-पांच सौ रुपये जमानत राशि जमा की थी। चुनाव समाप्त होने के छह माह के भीतर प्रधानों, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्यों के अलावा अन्य उम्मीदवारों को चुनाव में हुए खर्च का ब्योरा देकर जमानत राशि वापस लेने का प्रावधान है लेकिन अधिकांश प्रधानों, बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्यों ने खर्च का ब्योरा अब तक नहीं दिया। इससे अब उनकी जमानत राशि जब्त कर ली गई है। अब आयोग मार्च में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ है।
2015 में हुए पंचायत चुनाव में 637 प्रधान, 834 बीडीसी और 7881 ग्राम पंचायत सदस्य चुने गए थे। कई बार संबंधित लोगों को चुनाव में हुए खर्च का ब्योरा देने के लिए पत्राचार किया गया। इस बीच करीब 650 ग्राम प्रधान, 700 बीडीसी और 7000 ग्राम पंचायत सदस्यों ने खर्च का ब्योरा अब तक नहीं दिया है। इस नाते संबंधित लोगों की जमानत राशि जब्त कर ली गई है। - जगरूप पटेल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, सोनभद्र।