ओबरा(सोनभद्र)।पिछले माह ओबरा विधुत गृह में हुए अग्निकांड की वजह से बंद हुई चार इकाइयों में दो इकाइयों के चालू होने से उत्पादन निगम की उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। फिलहाल 200 मेगावाट वाली 9वीं और 10 वीं इकाई को पिछले एक पखवारे के दौरान चालू कर परियोजना प्रशासन ने उत्पादन निगम की उत्पादन क्षमता में वृद्धि की है। ओबरा से 354 मेगावाट का उत्पादन हो रहा था। जिसके कारण उत्पादन निगम का कुल उत्पादन 4137 मेगावाट हो गया था।
बीते 14 अक्टूबर को ओबरा विधुत गृह के केबल गैलरी में लगी आग के कारण बन्द हुई 10वीं इकाई को बीते शनिवार शाम 6:08 बजे सिंक्रोनाइज किया गया था। इससे पहले 16 नवंबर देर रात को 9वीं इकाई को पुन: लाइट अप कर आईसीटी के जरिए सिंक्रोनाइज कर ग्रिड से जोड़ दिया गया था। विगत 14 अक्टूबर को लगी भयावह आग के कारण 9वीं, 10वीं, 11वीं व 12वीं इकाई बंद हो गई थी। इसके चलते तापीय परियोजना का उत्पादन शून्य हो गया था। इकाइयों के बंद होने से प्रदेश के कई जनपदों में बिजली संकट उत्पन्न हो गया था। शुक्रवार को नौवीं इकाई से 180 मेगावाट तथा दसवीं इकाई से 174 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। उधर, परियोजना प्रशासन ने 11वीं इकाई को चालू करने का प्रयास तेज कर दिया है। परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. एके सिंह ने बताया कि 11वीं इकाई को चालू करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी है। बताते चलें कि 11वीं इकाई में काफी नुकसान हुआ है। 11 वीं इकाई के स्विच गेयर एवं केबल गैलरी तथा 13 वीं इकाई के कंट्रोल रूम को काफी क्षति पहुंची है। फिलहाल 11वीं को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। उत्पादन निगम द्वारा 4 महीने में इकाई को चालू करना है।