सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक हुई। इसमें जन स्वास्थ्य सेवाएं की बेहतरी को लेकर चर्चा हुई। इसमें जांच पड़ताल के दौरान कमियां मिलने पर 27 प्राइवेट अस्पताल के नवीनीकरण रोकने, संविदा डॉक्टर और एंबुलेंस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि जिले स्तर से लेकर गांव, मजरे स्तर तक स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंचायी जाए। कहा कि जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण को समयबद्ध तरीके से मूर्त रूप देने की आवश्यकता है। समीक्षा के दौरान पाया कि संविदा चिकित्सक डॉक्टर केएन सिंह की कार्य प्रणाली ठीक नहीं है। जिला स्वास्थ्य समिति से निर्णय लेते हुए डॉ. केएन सिंह की संविदा समाप्त करने और पूर्व के कार्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाने का निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिया। नगवां क्षेत्र में 108, 102 नम्बर की एम्बुलेंस न जाने पर एजेंसी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए शासन को पत्र भेजने को कहा। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम तहत सक्रिय रोगी खोज अभियान- 2018 को सफलता के लिए 24 फरवरी से 10 मार्च तक चलने वाले अभियान की तैयारियां की समीक्षा की।
केकराही के प्रभारी चिकित्साधिकारी से कहा कि बभनी के लिए एएनएम विमलेश देवी को तत्काल कार्यमुक्त करें। जिले के 27 प्राईवेट हास्पिटलों के निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का रख-रखाव न करने वाले हास्पिटलों का नवीनीकरण रोकने को कहा। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस डॉ अंकुर लाठर, सीएमओ डॉ एसपी सिंह, सीएमएस डॉ. पीबी गौतम आदि मौजूद रहे।