अनपरा। स्थानीय थाना क्षेत्र के डिबुलगंज में मंगलवार की रात 12वीं के छात्र ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घरवालों को जब घटना की जानकारी हुई तो छात्र को आनन-फानन फंदे से उतार कर संयुक्त अस्पताल ले गए। आरोप है कि वहां डॉक्टर-कर्मचारियों के मौजूद न होने से उपचार में देरी के कारण छात्र की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने हंगामा मचाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया।
डिबुलगंज निवासी बंधु जायसवाल का पुत्र शिवम जायसवाल (18) डीएवी पब्लिक स्कूल में 12वीं का छात्र था। मंगलवार की देर शाम बाहर से आया और अपने कमरे में पढ़ने चला गया। जल्दी आने की बात कह मां छोटे बेटे के साथ गाय का दूध लेने चली गई। रात में घर पहुंचने पर शिवम को बुलाने कमरे में गई तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब कोई उत्तर नहीं मिला पति को फोन से सूचना दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी पहुंच गए। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो शिवम पंखे में दुपट्टा के फंदे से झूल रहा था। आनन-फानन उसे उतारकर संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। फोन के बाद भी डॉक्टर देर से पहुंचे। समय से उपचार न मिलने से शिवम की मौत हो गई। नाराज लोगों ने अस्पताल में हंगामा मचाया।
डाॅक्टर-कर्मचारियों से उनकी तीखी नोंक-झोक हुई। किसी तरह बचकर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराज लोगों को शांत कराया। अनपरा थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि नाराज परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया गया। शव पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया गया। छात्र ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसकी जांच की जा रही है। अभी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। उधर, संयुक्त चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि शिवम को जब अस्पताल लाया गया तो उसकी मौत हो चुकी थी। आवश्यक कार्रवाई कर शव पुलिस को सौंप दिया गया। परिजनों के आरोप निराधार हैं।
पढ़ने में होनहार था शिवम
शिवम तीन भाइयाें में दूसरे नंबर पर था। वह पढ़ने में काफी होनहार था। उसके इस कदम से हर कोई सकते में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता बंधु जायसवाल ने बताया कि शाम को रोज की तरह शिवम बाहर से आया तब तक सब कुछ ठीक था। उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं थी। पढ़ाई को लेकर भी कभी कोई परेशानी नहीं आई। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, कुछ समझ नहीं पा रहे।