सोनभद्र। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन, बैंक आफ बड़ौदा स्टाफ एसोसिएशन सहित अन्य बैंकों के स्टाफ एसोसिएशन ने सरकार की आर्थिक नीतियों और बैंकों के निजीकरण के हो रहे प्रयास के खिलाफ दूसरे दिन बुधवार को भी आवाज बुलंद की। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से करीब 95 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंकों के बंद होने से उपभोक्ताओं को परेशानी हुई।
बतादें कि बैंक शाखाओं में ताले लटकते रहे। हड़ताली बैंक कर्मियों द्वारा कुछ देर के लिए निजी बैंकों में भी कामकाज ठप रखा गया। वहीं बैंक पहुंचे तमाम लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सुबह दस बजते ही हड़ताली बैंक कर्मियों ने अपने-अपने बैंक शाखाओं में तालाबंदी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद कर्मियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इलाहाबाद बैंक शाखा राबट्र्सगंज के सचिव अनिल कुमार ने कहा कि मांगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि हक की लड़ाई लडने में पीछे नहीं हटा जाएगा। इसके लिए चाहे कितना भी संघर्ष करना क्यों न पड़े। पारस राय, महेश मेहरा, शिव चंद्र, राम नारायण राम, सत्येंद्र, अमित शर्मा, संजय, पिंटू, शिव प्रसाद, मोहन सिंह, मेहरा, श्याम नारायण विश्वकर्मा, शिव पूजन, राम प्रसाद, अश्चनी आदि मौजूद रहे। उधर लीड बैंक मैनेजर सूर्यदत्त संतोषी की मानें तो बैंकों में दो दिनों तक कामकाज ठप होने से करीब 190 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।