बभनी। ब्लॉक परिसर में बुधवार को पोषण अभियान के तहत कंवर्जेंस एवं कुपोषण के रोकथाम के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण हुआ। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एएनएम, आशा तथा ग्राम प्रधानों ने कुपोषण के खिलाफ संयुक्त रूप से अभियान चलाने का संकल्प लिया। यहां बाल विकास परियोजना अधिकारी शैलेश राम ने कहा कि नाटेपन, खून कमी (एनीमियां) तथा जन्म के वक्त बच्चों के कम वजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। किशोरियों, गर्भवती महिलाओं तथा कम वजन के नवजात शिशुओं के अलावा पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों पर विशेष ध्यान देना है। आयरन की गोली, पोषित आहार, हाथों की सफाई, कम उम्र में विवाह, पौष्टिक भोजन का सेवन के अलावा प्रसव पूर्व सभी चार जांचें कराने के बारे में सभी को जानकारी देने की जरूरत है। कुपोषण उन्मूलन के लिए विभिन्न संगठनों को जोडा गया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, आशा, ग्राम प्रधान, मनरेगा, शिक्षा विभाग तथा खाद रसद विभाग को भी लिया गया है, जो समय-समय पर इसकी निगरानी करते रहें। स्वास्थ्य विभाग चिह्नित गर्भवती महिलाओं का एमसीटीएस रजिस्ट्रेशन, प्रसव जांच का कार्य करेगी। शिक्षा विभाग स्कूल जाने वाले बच्चों का देख भाल तथा उनको जानकारी देने का काम करेगा। पंचायती राज विभाग स्कूलों में शौचालयों की व्यवस्था कराना तथा घरों में भी शौचालयों की व्यवस्था करेगी। मनरेगा विभाग अति कुपोषित बच्चों वाले परिवारों को मनरेगा जाबकार्ड उपलब्ध करायेगा। इसके अलावा खाद रसद विभाग अति कुपोषित तथा कुपोषित बच्चों के परिवार को राशनकार्ड, राशन समय-समय पर उपलब्ध कराना होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एडीओ आईएसबी शिवनरायन सिंह, सुपरवाइजर निर्मला देवी, नीलम श्रीवास्तव, शकुंतला देवी, अजय यादव, बलवंत, रामयाद आदि मौजूद रहे।