शक्तिनगर। राष्ट्रीय स्तर पर सरकार एवं उद्योग से संबंधित मुद्दों को लेबर फोर्स के हित में करने एवं व्याप्त विसंगतियों से निपटने के स्थापित कंसेंट का क्षेत्रीय स्वरूप आज तय होने की उम्मीद है। इसके लिए बैठक बृहस्पतिवार को (आज) एनसीएल के जयंत क्षेत्र में दोपहर दो बजे से होगी।
बताते चलें कि बीते साल के अंतिम माह में देश के सबसे अधिक संख्या वाले फेडरेशन बीएमएस, एनएफ.आईटीयू, टीयूसीसी एवं इंटक ने कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल ट्रेड यूनियन (कंसेंट) की स्थापना किया था। दावे के मुताबिक इसका मकसद लेबर फोर्स की समस्याओं के प्रभावशील समाधान के लिए कर्मचारियों में एकता लाना व उनकी सामूहिक सौदेबाजी की ताकत को बढ़ाना मूल है। कंसेंट (परिसंघ) ने बीते साल के अंतिम दिन बैठक कर मांग पत्र तैयार करने के लिए सरकारी (केंद्र/राज्य) कर्मचारियों के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र, संगठित/असंगठित स्कीम वर्कर, निजी कंपनी, कारखानों, संस्थानों में कार्यरत कर्मी, ठेका व प्लेसमेंट एजेंसी में कार्यरत, पुलिस व सेना में कार्यरत, रिटायर, माईग्रेटरी वर्करों के साथ ही बेरोजगार, सेल्फ इम्प्लॉएड तथा अन्य कामगारों को श्रेणीबद्ध किया है। इन सभी श्रेणी के कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर विचार कर मांग पत्र तैयार किया और कंसेंट के संविधान का अनुमोदन भी कर दिया। इसी दौरान तय किया गया कि गुरुवार को जयंत/दुद्धीचुआ क्षेत्र में परिसंघ की संयुक्त होगी और इस दौरान व्यापक मंथन के बाद कंसेंट के क्षेत्रीय स्वरूप की घोषणा कर दी जाएगी। गुरुवार की बैठक में सभी सहमत संगठनों एवं संघों के 15-15 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस बैठक में भारतीय मजदूर संघ के कोल/नॉन कोल सेक्टर के प्रभारी डॉ. बसंत कुमार राय एवं एबीकेएमएस के महामंत्री वाईएन सिंह की खास मौजूदगी रहेगी। बता दें कि सोमवार को हुई परिसंघ की बैठक में कोल इंडिया माइन्स ऑफिसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमओआई) के अध्यक्ष तारकेश्वर प्रसाद व जनरल सेक्रेटरी सर्वेश कुमार के साथ सिटिया व सीमेवा जैसे कई संगठनों के लोंगों ने शिरकत किया था। इस वजह से कोल प्रबंधन सहित कई औद्योगिक घरानों की निगाहें कार्यक्रम पर टिकी हैं।