सोनभद्र। सरकार ने किसानों को राजस्व कर्मियों से बगैर सत्यापन कराए सौ कुंतल तक धान बेचने की छूट दे दी है। बशर्ते किसानों को धान खरीदने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। अभी तक 12 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। पखवारे भर में जिले में 55 क्रय केंद्रों पर 49.5 कुंतल धान की हुई है।
वर्ष 2018-19 में जिले में 112200 मीट्रिक टन धान क्रय करने का लक्ष्य दिया है। सरकार ने समर्थन मूल्य प्रति कुंतल 1750 और ग्रेड ए धान 1770 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया है। राबर्ट्र्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक में 55 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू गई है। लेकिन 15 नवंबर तक 49.5 कुंतल ही धान की खरीद हुई है। वजह किसानों को एक कुंतल भी क्रय केंद्रों पर धान विक्रय करना है, तो उन्हें अपनी खतौनी का सत्यापन राजस्व कर्मियों से कराना है। किसानों को सत्यापन कराने के लिए तहसील का चक्कर काटना पड़ रहा है। इस झंझट से बचने के लिए अधिकांश किसान औने-पौने दाम पर धान दुकानों पर बेचने लगे हैं। 15 दिनों में नाममात्र की धान खरीद होने को शासन ने खतौनी के सत्यापन की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों का ही धान खरीदा जाएगा। किसान राजस्व कर्मियों से बिना खतौनी का सत्यापन कराए सौ कुंतल तक विक्रय कर सकते हैं। इसके लिए सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
सोनभद्र। जिले में बने 55 क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू है, लेकिन अभी तक नाममात्र की खरीद हुई है। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम अमित कुमार सिंह ने तीनों तहसील के एसडीएम और तहसीलदार की अगुवाई में छह टीमें गठित की है। उक्त टीमों को लेखपालों के माध्यम से किसानों को क्रय केंद्रों पर धान विक्रय करने के लिए जागरूक कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों को बैठने, शुद्ध पेयजल आदि का इंतजाम कराने का निर्देश दे दिया गया है।