सोनभद्र। जल निगम की ओर से आटोमेशन ऑफ ट्यूबवेल के तहत प्रथम चरण में जिले के 26 नलकूपों को आटोमैटिक किया जाएगा। नलकूपों के आटोमैटिक होने से बिजली आने और टंकी के खाली रहने पर नलकूप अपने से चालू हो जाएंगे और भरने पर अपने से ही बंद हो जाएंगे। इसके लिए जल निगम ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है।
जिले का अधिकांक्ष क्षेत्रफल जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित है। इस नाते मार्च माह शुरू होते ही पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जल निगम ने रामगढ़, बघोर, करमा, पगिया समेत करीब 26 गांवों में नलकूप स्थापित किया है। जरूरत के अनुसार एक हजार किलोग्राम से ढाई हजार किलोग्राम की पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया है। जल निगम ने ग्राम पंचायतों को लगभग 24 नलकूपों को संचालित करने की जिम्मेदारी दी है। ताकि सुबह-शाम पंपों को चालू कर पेयजलापूर्ति की जा सकें। लेकिन अधिकांश नलकूपों की टंकियों में पानी न होने से ग्रामीणों को आवश्यकतानुसार पेयजलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इस समस्या से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए जल निगम नलकूपों को आटोमैटिक करने की पहल शुरू कर दी है। जल निगम के एक्सईएन फणिंद्र राय ने कहा कि जिले में स्थित सभी नलकूपों को आटोमैटिक करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है।