सोनभद्र। कृषि विभाग के कड़ी चेतावनी के बावजूद जिले में पंजीकृत 425 उर्वरक की दुकानों में से करीब 115 दुकानों में अभी तक पॉश मशीनें नहीं लगी है। इसका फायदा उठाते हुए कई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक रेट पर डाई, यूरिया समेत अन्य उर्वरक बेच कर किसानों का आर्थिक शोषण कर रहे है। इससे संबंधित अधिकरी अनजान है।
जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि मनमाने ढंग से उर्वरक बेचने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे।
पिछले कई दिनों से रूक-रूक कर हो रही बारिश से सूखे की आशंका से सहमे किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश होने के बाद किसान खेतीबारी करने में जुट गए है। ऐसे में डाई, यूरिया समेत अन्य उवर्रकों की मांग बढ़ गई है। कई साधन सहकारी समितियों पर जरूरत के अनुसार किसानों को नहीं मिल रही है। हालांकि संबंधितों का दावा है कि पर्याप्त मात्रा में खाद है। समितियों पर उर्वरक की कमी का फायदा उठाते हुए कई दुकानदार मनमाने दर पर बेच रहे है। जबकि कृषि विभाग ने दुकानदारों को पॉश मशीन लगाकर निर्धारित दर पर उर्वरक बेचने का निर्देश दिया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी पियूष राय ने बताया कि जिले में लगभग 425 उर्वरक की दुकानें संचालित हो रही है, इनमें से करीब 310 दुकानों पर पॉश मशीन लग चुकी है। शेष दुकानदारों को अविलंब पॉश मशीनों को लगवाने का निर्देश दिया गया है।पॉश मशीनों मेें किसानों को अंगुठा लगवा कर उर्वरक लेने की व्यवस्था है।कहा कि अगर कोई दुकानदार महंगे दर पर उर्वरक बेचता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।