अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की तरफ से आयोजित 12 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं शताब्दी समारोह बुधवार को हवन पूजन एवं भंडारा के साथ संपन्न हुआ।
अंतिम दिन सुबह ही कई पालियों में यज्ञ भगवान को गायत्री महामंत्र सहित विशिष्ट मंत्रों की आहुतियां समर्पित की गईं। दीक्षारंभ और विद्यारंभ संस्कारों के साथ देवस्थापना का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में याज्ञिकों ने व्यक्ति, समाज, राष्ट्र कल्याण और विश्व शांति के लिए गायत्री महामंत्र और विशिष्ट मंत्रों के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियां समर्पित की। मुख्य यजमान ओबरा तापीय परियोजना के महाप्रबंधक इं. सोमनाथ मिश्र ने पत्नी के साथ वेदिका पूजन, आरती और विसर्जन किया। ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आरके अग्रवाल ने देवमंच पर पूजन किया। विद्वत टोली प्रमुख ऊषा शर्मा ने दीक्षा संस्कार में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाली। उन्होंने नियमित रूप से गायत्री उपासना पर जोर दिया। शांतिकुंज हरिद्वार से आए संगीतकार सरोज पांडेय ने यज्ञीय कर्मकांडों को संगीत का स्वर प्रदान किया।
वाराणसी से आए डॉ. डीपी चौधरी और डॉ. प्रभात कुमार आनंद ने प्रगति प्राकृतिक एवं एक्यूप्रेशर केंद्र के माध्यम से कई रोगियों का उपचार किया। यज्ञ की पूर्णाहुति और विसर्जन के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर गायत्री परिवार के संरक्षक प्रकाश गिरि, राम मंदिर ओबरा के सचिव नीलकांत तिवारी, प्रदीप जायसवाल, विनोद शर्मा, दीपक राय, प्रखर रत्नम, शिवम, सुंदरम, दिनेश पाठक, प्रभाकर सिंह, सोना शुक्ला, देवकांति आदि उपस्थित रहे।