सोनभद्र। मानसून ने दस्तक दे दी है। बावजूद अभी तक जिले के सभी नगर निकायों में जल निकासी की व्यवस्था मुकम्मल नहीं हो पाई है। कहीं नालियां पटी पड़ी है तो कहीं उनका निकास ही जाम हो गया है। कई मोहल्लों में रास्ते तो बना दिए गए लेकिन जलनिकासी का इंतजाम अब तक नहीं हो सका है। बारिश का दौर शुरू होने से अब नालियों की सफाई भी आसान नहीं होगी, ऐसे में जल निकासी की आधी अधूरी तैयारी, अभी से लोगों की नींद उड़ाने लगी है।
जिले की एकमात्र 25 वार्डों वाले नगरपालिका क्षेत्र में नगर के मुख्य हिस्से को छोड़ दें तो बाकी हिस्सों में जलनिकासी का इंतजाम ही नहीं किया गया है। जहां नालियां हैं, वहां भी अधिकांश जगहों पर जाम पड़ी है। बारिश के दिनों में बढ़ौली चौक से मेन मार्केट रोड, धर्मशाला चौक से मेन चौक रोड की स्थित नहर जैसी दिखती है। सिविल लाइंस रोड पर भी जल जमाव आवागमन में परेशानी खड़ा करता है। इस बार खाली जमीन पाट दिए जाने से स्थिति और बिगडऩे का अंदेशा है। तेज बारिश होने पर फ्लाईओवर के नीचे आवागमन ठप होने वाली स्थिति हो जाती है। उधर, ईओ दिनेश यादव का कहना है कि सिविल लाइंस रोड को जलजमाव से निजात दिलाने के लिए मार्तंड मिश्रा के सामने वाली गली से होकर नाली निर्माण कराने की कवायद चल रही है। इसमें सिविल लाइंस रोड और कालोनी की नालियों को जोड़ा जाएगा।
दुद्धी: नगर पंचायत दुद्धी के घने आबादी वाले क्षेत्रों में एल टाइप की नालियां बनाए जाने से जल निकासी में दिक्कत आती है। वहीं नालियां जाम होने से लोगों के घरों में गंदा पानी घुस जाता है। जल निकासी अभी तक दुरुस्त न होने से लोगों को संक्रामक बीमारियों का भी डर सताने लगा है। मौजूदा समय भी दुद्धी नगर पंचायत में नालियों और गलियों की सफई न होने से जगह-जगह गंदगी पसरी दिखाई दे रही हैं। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री दिनेश अग्रहरि, सुरेंद्र अग्रहरि, विकास कुमार, जितेंद्र चंदवंशी, सतेंद्र चौरसिया, रिंकू आदि का कहना था कि गंदगी से मच्छरों की भरमार बनी हुई है। नालियों का सड़ांध आवागमन दुश्वार किए हुए है, बावजूद संबंधित ध्यान नहीं दे रहे हैं।
घोरावल: नगर पंचायत क्षेत्र में जलनिकासी को लेकर अब तक दो लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। नगर पंचायत प्रशासन की मानें तो यहां स्थित तीन हजार मीटर लंबी नाली में से अब तक 21 सौ मीटर नालियों की सफाई का काम पूरा हो चुका है। इन दावों पर गौर करें तो अभी मौर्या बस्ती और दलित बस्ती में करीब 900 मीटर नालियों की सफाई बाकी है। वार्ड नंबर तीन, सात और नौ में कई स्थानों पर नालियां काफी क्षतिग्रस्त हैं। मौर्या बस्ती में नाली मरम्मत का काम अभी कराया जा रहा है। इलाहाबाद बैंक के सामने रॉबट्र्सगंज मार्ग, मुक्खा तिराहा, मेन तिराहा ऐसे स्थान हैं, जहां जलजमाव नियति बन चुकी है। सर्वाधिक दिक्कत इलाहाबाद बैंक के सामने का रॉबट्र्सगंज मार्ग पर मंडी गेट से लेकर बड़क हलवाई के दुकान तक है। यहां पूरी बरसात जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। दलित बस्ती में भी जलजमाव के चलते कई घरों में पानी घुस जाता है। बता दें कि नगरपंचायत में कुल 20 सफाईकमी, इसमें तीन नियमित, तीन संविदा और 14 आउटसोर्सिंग से हैं। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि बरसात की तैयारियों के मद्देनजर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जून अंत तक नालियों के सफाई एवं अन्य कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
चोपन: इस नगर पंचायत में भी जलजमाव कई जगहों पर नारकीय स्थिति बना देता है। सबसे बुरा हाल कैलाश मंदिर के समीप का है। यहां जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे घुटने भर पानी से होकर लोगों को गुजरना पड़ता है। दुकानदारों को भी खासी परेशानी होती है। वार्ड मेंबर पिंटू जायसवाल ने बताया कि नालियों की सफाई के लिए कई बार कहा गया लेकिन अभी तक सफाई नहीं हुई। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष इम्तियाज अहमद का कहना था कि साफ-सफाई का कार्य तेजी पर है। जहां भी पानी निकासी की समस्या है, उसे जल्द दूर कर लिया जाएगा।
चुर्क: चुर्क-गुरमा नगर का ज्यादातर इलाका पहाड़ी और ढालू होने से यहां जल निकासी बड़ा मसला नहीं है। कहीं-कहीं दिक्कत आती है, जिसको लेकर नालियों की सफाई की जा रही है। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि जल्द ही नालियों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा।
75 लाख है मासिक बजट, काफी कुछ दिखता है दुरुस्त
ओबरा। ढालू इलाका होने के कारण ओबरा के कालोनी इलाके में जल जमाव बड़ा मसला नहीं है लेकिन कुछ हिस्सों में अभी भी स्थिति खराब बनी हुई है। आकाशवाणी मोड़ के साथ ही बारिश के कालोनियों में टैंक के ओवरफ्लो होने की समस्या इस बार भी बारिश शुरू होने के साथ ही लोगों की नींद उड़ाने लगी है। हालांकि नगरपंचायत प्रशासन का दावा है कि इस बार जहां भी दिक्कतें थी उसे दूर कर लिया गया है। शीतला मन्दिर के सामने वाला बड़ा नाला, जो माईराम जी की दुकान के पीछे से होता हुआ हनुमान मन्दिर के पीछे चला जाता है, उसकी सफाई करवा दी गई है। ओबरा के सभी छोटे बडे नालों की सफाई करवाई जा रही है। ओबरा मे जहाँ से भी नाला या नाली जाम की शिकायत मिल रही है, वहां पर टीम भेजकर समस्या का तुरंत निराकरण करवाया जा रहा है। नाला सफाई के लिए नगर पंचायत जने एक अलग टीम भी गठित कर दी है। फिलहाल जलभराव और जल जमाव यहां बड़ा मसला नहीं रही है। 18 वार्डों वाली इस नगर पंचायत में 36 से अधिक सफाईकर्मी कार्यरत हैं।