सोनभद्र। नगर निकाय चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने तिथि की घोषणा कर दी है। प्रथम चरण में 22 नवंबर को जिले की एक मात्र नगर पालिका राबर्ट्सगंज और सात नगर पंचायतों में चुनाव होगा। निकाय चुनाव में 117235 मतदाता 142 बूथों पर मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
बतादेें कि नवंबर माह में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। आयोग की ओर से चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद जिले के चुनाव से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भी सक्रिय हो गए। निर्वाचन कार्यालय से 18 अक्तूबर को जारी हुई अंतिम मतदाता सूची के अनुसार अबकी बार राबर्ट्सगंज नगर पालिका क्षेत्र में 34097 मतदाता अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। वहीं नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा में 6047 वोटर, चोपन में 11907 मतदाता, ओबरा में 32223वोटर, घोरावल में 5648 मतदाता, दुद्धी में 9643, पिपरी में 9700 वोटर, और रेणुकूट नगर पंचायत में 9770 मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेगे। इस संबंध में सहायक निर्वाचन अधिकारी अवधेश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि 22 नवंबर को 142 मतदेय स्थलो ंपर मतदाता मतदान करेंगे। आयोग के निर्देशानुसार चुनाव कराने की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
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इनसेट
नाम आरक्षण मतदाता
नपा- राबर्ट्सगंज अनारक्षित 34097
नपं- चुर्क-गुर्मा आरक्षित 6047
चोपन अनारक्षित 11907
रेणुकूट अनारक्षित 9770
पिपरी अनारक्षित 9700
दुद्धी अनारक्षित 9643
घोरावल अनारक्षित 5648
ओबरा आरक्षित 32223
इनसेट
चुनावी डुगडुगी बजते ही बढ़ी चुनावी सरगर्मी
सोनभद्र। जिले में नगर निकाय चुनाव की डुगडुगी बजते ही चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। प्रमुख दलों से टिकट की आस लगाए लोगों ने गुणा-गणित बिठाने का क्रम तेज कर दिया है। वहीं मतदाताओं को रिझाने के लिए वोटरों को रिझाने के लिए तरह-तरह की कवायद शुरू कर दी गई है। बता दें कि पिछली बार राबर्ट्सगंज, घोरावल, रेणुकूट में भाजपा, चोपन, चुर्क-गुरमा में सपा, ओबरा, दुद्धी, पिपरी में निर्दल उम्मीदवार विजई हुए थे। इस बार जहां भाजपा के खाते में रही सीट पर सत्ता पक्ष के साख की परीक्षा होगी। वहीं अन्य नगर पंचायतों का समीकरण भी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अहम मायने रखेगा।
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वोटर सूची से गायब हो गए हैं कई प्रमुख नाम
सोनभद्र। सोनभद्र बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश राय तथा डिस्ट्रिक्टर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आत्मप्रकाश त्रिपाठी और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम वोटर सूची से गायब हो गया है। ओमप्रकाश राय बताते हैं कि उन्होंने सूची में नाम डलवाने के लिए पिछली बार की मतदाता सूची, वोटर आईडी, आधार कार्ड के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी तक को प्रार्थना पत्र देकर वोटर सूची में नाम शामिल करने की गुहार लगाई थी। बीएलओ से भी कई बार मुलाकात की लेकिन एक साजिश के तहत उनका और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम सूची से गायब कर दिया गया। बता दें कि राय पूर्व में नगर पालिका का चुनाव निर्दल प्रत्याशी के रूप में लड़ चुके हैं। उधर, आत्मप्रकाश तिवारी का कहना था कि बीएलओ को आधार कार्ड के साथ अन्य कागजात भी उपलब्ध कराए थे। पिछले सभी चुनावों में उन्होंने वोट भी डाला है। फिर भी उनका नाम सूची से कैसे काट दिया गया, समझ से परे है।