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बिजली कर्मचारी और अभियंता नहीं करेंगें कार्य बहिष्कार

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सोनभद्र (ओबरा)। ऊर्जा निगमों में सातवें वेतनमान के आदेश निर्गत होने और पेंशनर समेत अन्य सभी मांगों पर प्रबंधन से सकारात्मक कार्यवाही के लिखित आश्वासन के बाद विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने 12 सितंबर से प्रस्तावित प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार आंदोलन वापस ले लिया है। शुक्रवार शाम को संघर्ष समिति की पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अलोक कुमार से द्विपक्षीय वार्ता होने के बाद इसकी घोषणा संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दूबे ने की है।
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अभियंता संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. जीके मिश्र एवं क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा ने बताया कि द्विपक्षीय वार्ता में सातवें वेतनमान, समयबद्ध वेतनमान सहित अनेकों विसंगतियों पर विचार के लिए एक समिति का गठन कर लिया गया है। संघर्ष समिति के विभिन्न संघटनों से विचार कर शीघ्र अपनी संस्तुति पावर कारपोरेशन प्रबंधन को देगी। पेंशनर्स का सातवां वेतनमान का आदेश एक सप्ताह के अंदर निर्गत कराने पर सहमति बनी है। 14 जनवरी 2000 के बाद सेवा में आये बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली पर विचार का आश्वासन दिया। निजी घरानों से बिजली खरीदने के लिए उत्पादन निगम के बिजलीघरों को किसी भी परिस्थिति में बंद न किये जाने की व्यवस्था आदि पर कमेटी अध्ययन कर अपना सुझाव देगी जिस पर आगे कार्रवाई होगी। संविदा श्रमिकों को वेतन,ईपीएफ भुगतान, क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में समय से जमा करने, ईएसआई, दुर्घटना बीमा सहित प्रदेश में लागू समस्त श्रम कानूनों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। संविदा कर्मी को जो संविदाकार पूरा भुगतान नहीं करेगा वहां के अभियंता सीधे कर्मचारियों का भुगतान करेंगे और संविदकारों को उसका कमीशन दे देंगे।
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