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83335 बच्चों में से 10666 ले आनलाइन शिक्षा का लाभ

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सोनभद्र। कोविड- 19 के संक्रमण को रोकने के लिए जारी लाकडाउन के कारण विद्यालय बंद होने से नौनिहालों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
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लॉकडाउन के दौरान शुरू किए गए आनलाइन शिक्षा व्यवस्था का लाभ बहुत से बच्चे इसलिए नहीं उठा पा रहे हैं, क्योंकि बहुत से लोगों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है, वहीं कई जगह नेटवर्क भी शिक्षण कार्य में बाधा बना हुआ है।
परिणामस्वरूप जिले के सभी ब्लाकों में स्थित परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 83335 बच्चों में से सिर्फ 10666 ही आनलाइन शिक्षा व्यवस्था का लाभ उठा पा रहे हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा चोपन ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 24406 बच्चों में से 2948 और सबसे कम बभनी में पंजीकृत, 2252 बच्चों में से सिर्फ 237 ही ऑनलाइन क्लास कर पा रहे हैं।
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हालांकि अन्य ब्लाकों में आनलाइन शिक्षा की स्थिति बभनी से कुछ अच्छी है। मसलन, चतरा ब्लाक में पंजीकृत 3265 बच्चों में से 396, दुद्धी में पंजीकृत 11194 में से 17य07 व घोरावल में पंजीकृत 18672 बच्चों में से 2445 आनलाइन शिक्षा व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। इसी तरह से म्योरपुर ब्लाक परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 13350 बच्चों में से 1416, नगवां में पंजीकृत 2584 बच्चों में से 323 और राबर्ट्सगंज में पंजीकृत 7612 में से 1194 बच्चे आनलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों को आनलाइन शिक्षा देने में कुल 2471 शिक्षक सहयोग कर रहे हैं। इस विषम परिस्थिति में नौनिहालों को नियमित शिक्षा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जारी गाइडलाइन के क्रम में ऑनलाइन शिक्षा परिषदीय स्कूलों मेें शुरू की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी चोपन मुकेश कुमार का कहना है कि ब्लाक के 220 परषदीय विद्यालयों के शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कक्षावार पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित शिक्षा दे रहे हैं। वर्तमान में ब्लाक के करीब 3100 बच्चे ई-लर्निंग से जुड़े हैं। उनका कहना है कि अध्यापक व शिक्षामित्र अभिभावकों से संपर्क कर व्हाट्सएप नंबर लेकर ग्रुप के जरिए ऑनलाइन शिक्षण करा रहे हैं। समय-समय पर बच्चों व अभिभावकों से फोन पर फीडबैक लिया जा रहा है। इसके लिए कर्मियों की क्षेत्रवार ड्यूटी लगाई गयी है। करीब सौ विद्यालय ऐसे हैं, जहां कोई नेटवर्क नहीं है। वहां ई-लर्निंग में दिक्कत आ रही है।
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