सोनभद्र। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए जिले को लॉकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में टीबी मरीजों को जांच कराने में परेशानी हो रही है। इस समस्या से मरीजों को निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने डाकिए के माध्यम से सैंपल लैब तक पहुंचवाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था सप्ताह भर में शुरू हो जाएगी।
टीबी के मरीजों को ढूंढने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर मरीजों की जांच कर रही है। अगर किसी को टीबी की शिकायत होती है तो संबंधित क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर बलगम की जांच करा सकता है। अब मरीजों का सैंपल स्वास्थ्यकर्मी उनके घर से एकत्रित करेंगे और डाकिया न सिर्फ सैंपल को लैब तक बल्कि मरीज की रिपोर्ट भी उनके घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क होगी। केंद्र सरकार 2025 तक देश से क्षय रोग के खात्मे के संकल्प को तय समय सीमा से पहले पूरा करने को लेकर कई नई योजनाएँ और कार्यक्रम शुरू कर रही रही है। इसी कार्यक्रम के तहत टीबी के मरीजों का सैंपल 24 घंटे के भीतर सीएससी और पीएससी से लैब तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग और स्वास्थ्य विभाग में राज्य स्तर पर एक समझौता हुआ है। पहले यह सैंपल कोरियर के जरिए भेजे जाते थे।
इस संबंध में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बी.के अग्रवाल ने बताया कि अभी तक सीएससी और पीएससी से सैंपल लैब तक कोरियर से भेजा जाता था। इस नाते सैंपल पहुंचने विलंब होता था। निर्धारित समय पर टीबी मरीजों के सैंपल की जांच कर उनका इलाज करने के लिए राज्य स्तर पर स्वास्थ्य विभाग और डाक विभाग से टीबी का सैंपल डाकियों के द्वारा लैब तक पहुंचाने के लिए करार हुआ है। स्वास्थ्यकर्मी को मरीजों के बलगम के सैम्पल को पैक कर डाकिया को दे देंगे। इसके बाद डाकिया लैब तक पहुंचाने का काय करेंगे। कहा कि सप्ताह भर में डाकियों द्वारा सैम्पल लैब तक पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।