सोनभद्र। नवरात्रि के आखिरी मां दुर्गा के नौवें सिद्धिदात्री स्वरूप का पूजा-अर्चना किया गया। नौ दिनी अनुष्ठान की पूर्णाहुति और कुंवारी कन्याओं को भोजन कराकर सुख-समृद्धि का वरदान मांगा गया। मंदिरों में भी मातारानी के दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही। जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। डा. शिवकुमार शास्त्री ने बताया कि मां सिद्धिदात्री की पूजा कभी भी की जा सकती है लेकिन नवरात्रि में नौवें दिन के पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन विधि-विधान और निष्ठा से से पूजा करने वाले भक्तों को सभी सिद्धियां प्राप्त हो जाती हैं। मां के इस स्वरूप की पूजा-अर्चना विद्यार्थियों के लिए काफी लाभकारी है। सभी विद्याओं में सफलता और श्रेष्ठता प्राप्त करने के लिए मां सिद्धिदात्री का आशीर्वाद अत्यंत आवश्यक है।
राबट्र्सगंज में मां शीतला धाम में विशेष हवन, पूजन-अर्चन किया गया। भंडारा हुआ। घरों में पूजन-अर्चन, आरती और कन्याओं को भोजन कराकर नौ दिनी अनुष्ठान की पूर्णाहुति की गई। सुबह से ही देवी ऋचाएं और मंत्र गुंजायमान रहे। न्यू मार्केट स्थित दुर्गा मंदिर में मां का छप्पन भोग लगाकर भंडारे का आयोजन किया गया। दंडइत बाबा मंदिर परिसर स्थित मां काली मंदिर परिसर में भी देर तक हवन-पूजन का कार्यक्रम चलता रहा।
बभनी: मां सिद्धीदात्री के पूजा-अर्चना के बाद कुआंरी कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया। घरों में नौ कन्याओं को भोजन कराने के साथ ही असनहर में 101, नधिरा में 121 कन्याओं को भोजन कराया गया। आम लोगों के लिए यहां पूरे दिन भंडारा चलता रहा। बभनी,घघरी,चपकी,महुअरिया, चौना,घघरा,खोतोमहुआ, इकदीरी, शीशटोला, भंवर में भी कुंआरी कन्याओं की पूजा अर्चना की गई।
डाला: मां के नवें स्वरूप के पूजन-अर्चन के साथ मां दुर्गा के नौ दिनी साधना पर्व शारदीय नवरात्रि का समापन हो गया। सुबह पूजन-अर्चन के साथ घर-घर कन्याओं का पूजन कर उपहार और दक्षिणा भेंट की गई। उधर, मां वैष्णो शक्तिपीठ धाम में चार बजे भोर से ही दर्शनार्थियों की कतार लग गई। इस दिन यहां 50 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। दूर-दराज से आए भक्तो ने मां वैष्णवी के दर पर मत्था टेकने के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। शाम पांच बजे तक चले भंडारे में भी हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। नौ कन्याओं की पुजन-अर्चन, भोजन के बाद भंडारे की शुरुआत हुई। जय मां दुर्गा पूजा सेवा समिति डाला बाजार के दुर्गा पंडाल में हवन पूजन, मां की मंगल आरती के बाद कन्या भोजन कराया गया। तीन वर्ष से प्रसाद की जिम्मेदारी निभा रहे सुरेश नारायण सिंह ने इस वर्ष भी पूरा प्रसाद वितरित किया। दुर्गा पूजा सेवा समिति के अध्यक्ष पवन शर्मा, सुरेश नारायण सिंह, सुधीर सिंह, राकेश जायसवाल, रजनीश पांडेय, रजत, गोविंद आदि मौजूद रहे।
ओबरा: अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में गायत्री शक्तिपीठ में साधकों ने नौ दिवसीय गायत्री साधना अनुष्ठान की पूर्णाहुति यज्ञ और भंडारे के साथ की। साधकों और भक्तजनों की भारी भीड़ को देखते हुए बाल व्यास अलख शुक्ल ने कई पालियों में यज्ञ कराया। महिलाओं ने एक से बढ़कर एक भजन की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दुर्गावती देवी, समाजसेवी रमेश यादव, श्रीप्रकाश गिरि, अनामिका गिरि, अनीता पुरवार, सोना शुक्ला, मोतीलाल विश्वकर्मा, अखिलेश पांडेय, प्रमोद शुक्ल, राजाराम मौर्य, अशोक कुमार शर्मा, ब्रह्मानंद मिश्र, अजय सिंह, अरुण शर्मा, अभिषेक पांडेय आदि उपस्थित रहे। संचालन गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी मनमोहन शुक्ल ने किया। वहीं नगर के बालिका इंटर कालेज, शिक्षा निकेतन, चूड़ीगली, सिनेमा रोड, गीता मंदिर, गजराज नगर, सेक्टर दस, बिल्ली स्टेशन रोड, मलिन बस्ती आदि जगहों पर स्थापित दुर्गा पूूजा पंडालों में नवमी पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया।
दुद्धी: शारदीय नवरात्र के आखिरी दिन मां के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा की गई मां काली मंदिर के गर्भगृह स्थित मां लक्ष्मी, मां काली, मां सरस्वती के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। पूजा पंडालों में भी मां को नारियल, चुनरी अर्पित करते हुए हवन-पूजन किया गया। मां दुर्गा के नौ रूपो में नौ कन्याओं का, बजरंग बली, भैरो बाबा के रूप में सजे बच्चों का पूजन-अर्चन कर पूड़ी, हलवा, फल का भोग लगाया गया। क्षमायाचना के साथ मां से सुख-समृद्धि की कामना की गई। मां काली मंदिर, संकट मोचन मंदिर, पंचदेव मंदिर, रामनगर स्थित मां के पूजा पंडालों में देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी, रही।
आसनडीह: आसनडीह, इकदीरी, बैना आदि गावों में विधि-विधान से नवरात्रि के आखिरी दिन पूजन-अर्चन कर अनुष्ठान की पूर्णाहुति की गई। नौ कन्याओं को भोजन कराया गया। मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। दुर्गा पूजा समिती के अध्यक्ष इन्द्रदेव ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर दो बजे प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
चोपन: नगर के काली मंदिर, दुर्गा मंदिर, कैलाश मंदिर, परांबा शक्ति पीठ धाम पर भोर से लेकर रात तक दर्शन-पूजन को कतार लगी रही। नगर के हिल कालोनी, दुगाज् मैदान, चोपन बैरियर, प्रितनगर में स्थापित मा दुर्गा के भव्य पूजा पंडालों में भी पूरे दिन दर्शन, पूजन, हवन का क्रम चलता रहा। हिलकालोनी में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।