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किसानों को सताने लगी धान की नर्सरी सूखने की चिंता

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सलखन। राबर्ट्सगंज ब्लाक के महुआ खुर्द ग्राम पंचायत में स्थित टूटी हुई बलुई बंधी की मरम्मत का कार्य धीमी गति से चल रहा है इससे किसानों को धान की फसल सूखने की चिंता हैं। किसानों का कहना है कि जिस तरीके से संबंधित बंधी मरम्मत के कार्यों में ढिलाई बरत रहे हैं उससे ऐसा नहीं लगता कि किसानों की धान की फसलों को जीवन दान मिल सकेगा। फसल तैयार होने से पहले ही धान की रोपी गई नर्सरियां सूख जाने की चिंता अभी से किसानों को सताने लगी हैं।
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राबर्ट्सगंज ब्लाक के महुआंव खुर्द ग्राम पंचायत में पिछले दिनों टूटी बलुई बंधी की मरम्मत का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि जिस तरीके से संबंधितों द्वारा बंधी मरम्मत के कार्यों में ढिलाई बरती जा रही है, इससे ऐसा नहीं लगता है कि किसानों की धान की फसलों को जीवन दान मिल सकेगा। फसल तैयार होने से पहले ही धान की रोपी गई नर्सरियां सूख जाने की चिंता अभी से किसानों को सताने लगी है। बधीं टूटने से जितनी क्षति नहीं हुई हैं उतनी क्षति तो बधीं के समय से न बाधे जाने से होगी। दो अगस्त की अल सुबह बलुई बंधी टूट कर बह गई थी। मारकुंडी ग्राम पंचायत के ओवरी गांव के किसान कृपा शंकर पांडे ने बताया कि अभी पूरी तरह से किसानों ने अपने खेतों में धान की रोपाई नहीं की है। यदि समय से बंधी नहीं बांधी गई तो धान की फसल सूख जाएगी। आरोप लगाया कि टूटी बंधी के मरम्मत का कार्य कच्छप गति से चल रहा है। इससे ऐसा नहीं लगता कि समय अनुसार बंधी बनकर तैयार हो जाएगी। बंधी के पानी को बोरियों के सहारे रोका गया है। किसानों का कहना था कि यदि बारिश हुई तो घटना की पुनरावृति हो सकती है।
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