सोनभद्र। जिले में 2020-21 में संभावित बाढ़, अतिवृष्टि एवं भू-स्लखन से सुरक्षा एवं प्रभावित व्यक्तियों को सहायता देने के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। अभी तक बाढ़ से प्रभावित होने वाले राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्घी तहसील के 101 गांवों को चिह्नित किया जा चुका है। अत्याधिक बारिश होने पर सोन नदी, कनहर नदी और बेलन नदी मेें पानी बढने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।
शासन ने आने वाले दिनों में बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची तैयार बाढ़ से निपटने और प्रभावित व्यक्तियों की मदद करने के लिए रूपरेखा तैयार कर लेने का फरमान जारी किया है। आदेश के क्रम में अब तक बाढ़ से प्रभावित होने वाले 101 गांवों की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसमें राबट्र्सगंज तहसील क्षेत्र के 27 गांव है। जिसमें सोन नदी से तीन गांव, बेलन नदी से 24 गांव प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। घोरावल में बेलन नदी से 45 गांव, बकहर नदी से 5 गांव, कुल 50 गांव प्रभावित हो सकते है। दुद्घी तहसील में रेणु नदी से 20 गांव, कनहर नदी से 3 गांव, मलिया, कनहर नदी से 1 गांव कुल मिलाकर 24 गांव प्रभावित हो सकते है। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया बाढ़ से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। डीएम एस. राजलिंगम के निर्देश पर तहसील स्तर पर एसडीएम को परामर्शदात्री समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र की बाढ़ की स्थिति के बारे में जिला मुख्यालय को अवगत कराएंगे। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।