शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अर्चना रानी की अदालत ने दोषी को दस साल कठोर कैद की सजा सुनाई है। घटना दस वर्ष पहले घोरावल कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
इसमें से 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने 13 जून 2017 को घोरावल थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके साथ शादी का झांसा देकर घोरावल के शिल्पी गांव निवासी राकेश कुमार करीब 3 साल से शारीरिक संबंध बनाता रहा।
बाद में बीमारी का बहाना बनाकर अपने गांव आ गया। अब वह दूसरे जगह शादी कर रहा है। केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और चार्जशीट दाखिल की।
अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी को राकेश कुमार को 10 वर्ष की कठोर कैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।