नरेंद्र मोदी की आगरा रैली में सम्मान को लेकर भाजपा की अंदरूनी सियासत को फिर हवा मिल गई है। सरधना विधायक संगीत सोम, थानाभवन विधायक सुरेश राणा और डॉ. संजीव बालियान को सम्मान का न्यौता मिल गया है।
इसके उलट जेल गए बिजनौर विधायक भारतेंद्र सिंह समेत अन्य कई नेताओं की अनदेखी की गई है। सरेंडर पर हाईकमान के आदेश को अनसुना करना भारतेंद्र सिंह को महंगा पड़ा।
नंगला मंदौड़ महापंचायत में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल गए संगीत सोम, सुरेश राणा और डॉ. संजीव बालियान आगरा में बृहस्पतिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित होंगे।
प्रदेश कमेटी की सिफारिश पर यह तीनों नाम चुने गए हैं, लेकिन नामों के चयन पर भाजपा की अंदरूनी सियासत खुलकर सामने आ गई है। जेल जाने के बावजूद बिजनौर विधायक कुंवर भारतेंद्र सिंह को सम्मान समारोह से दूर रखा गया।
सूत्र बताते हैं कि हाईकमान के मशवरे के बावजूद भारतेंद्र सिंह ने सरेंडर नहीं किया था। राहत के लिए वह हाईकोर्ट चले गए, लेकिन फिर भी उन्हें जेल जाना पड़ा था। बिजनौर विधायक को आगरा न बुलाए जाने का इसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
पश्चिम किसान मोर्चा के सह प्रभारी रहे उमेश मलिक भी जेल गए थे, लेकिन उन्हें भी न्यौता नहीं मिला। गठवाला खाप के बाबा हरिकिशन मलिक के प्रतिनिधि उमेश मलिक को बुलावा न मिलने से उनकी खाप के गांवों में नाराजगी है।
तर्क है कि गठवाला खाप हिंसा से सबसे अधिक पीड़ित रहा, इस कारण उमेश को भी आगरा का बुलावा मिलना चाहिए था।