बाराबंकी/सीतापुर। सदरपुर क्षेत्र स्थित सरैया महिपतसिंह गांव निवासी नितेश मौर्य (27) बृहस्पतिवार को पिसावां क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर पन्नू ढाबे के पास खून से लथपथ हालत में मिला। उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे। पुलिस उसे महोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोपहर 2:50 बजे जिला अस्पताल पहुंचने के करीब 20 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। देर रात बाराबंकी पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या के पीछे रुपये के लेनदेन के विवाद है। मामले में मृतक के गांव के ही मनोज, अंकित समेत तीन लोगों को नामजद कर हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, नितेश बुधवार को अपनी बहन को करवा देने के लिए लखनऊ के बख्शी का तालाब जाने की बात कहकर घर से निकला था। पड़ोसियों के अनुसार, लखनऊ में उसका एक मकान भी बन रहा था। बताया गया कि वहां से वह बाइक पर सिलिंडर बांधकर सदरपुर लौट रहा था। इसी दौरान बाराबंकी के बड्डूपुर क्षेत्र स्थित डफरपुर चौराहे के पास उसकी बाइक लावारिस हालत में मिली। बाइक पर सिलिंडर भी बंधा हुआ था। इसके बाद नितेश के साथ अनहोनी की आशंका जताई गई। कुछ लोगों ने कार से अपहरण किए जाने की बात कही थी।
बड्डूपुर से मैगलगंज पहुंचने की आशंका
बाइक मिलने के बाद नितेश का पता नहीं चल रहा था। आशंका जताई गई कि बड्डूपुर इलाके से उसका अपहरण कर करीब 120 किलोमीटर दूर लखीमपुर खीरी के मैगलगंज के पास छोड़ दिया गया। बृहस्पतिवार को वह घायल हालत में मदद मांगते हुए पिसावां पहुंचा। पन्नू ढाबे से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे महोली सीएचसी ले गई। उस समय उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे दोपहर 2:50 बजे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां 3:10 बजे उसकी मौत हो गई। बाद में उसकी पहचान नितेश मौर्य के रूप में हुई।
पैसों के लेनदेन का विवाद आया सामने
बाराबंकी पुलिस ने बृहस्पतिवार रात मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे लेनदेन से जुड़ा विवाद सामने आया है। मृतक के गांव के ही मनोज, अंकित समेत तीन लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जनसेवा केंद्र चलाता था नितेश
ग्रामीणों के अनुसार, नितेश हुसैनपुर पुल पर एक दुकान में जनसेवा केंद्र चलाता था। उसकी बहन खुशबू की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन नेहा अविवाहित है। उसका एक भाई निकेत दुबई में काम करता है और दूसरा भाई सचिन है। बड्डूपुर थानाध्यक्ष मनोज सोनकर के अनुसार, नितेश जिस बाइक का इस्तेमाल करता था, वह अफरोज के नाम पर पंजीकृत थी। नितेश ने बाइक अपने नाम हस्तांतरित नहीं कराई थी।
वर्जन
एसपी रवीना त्यागी ने बताया कि नितेश की हत्या के मामले में तीन युवकों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।