सीतापुर। जनता की शिकायतों के निस्तारण में अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। एक्सईएन विद्युत प्रथम ने 46 मामलों का निस्तारण समय से नहीं किया है। इससे वह डिफाॅल्टर अफसरों की श्रेणी में सबसे आगे हैं। अन्य कई अफसरों का नाम इस सूची में है। संबंधित अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।
हर माह शासन स्तर पर जनता की शिकायतों के निस्तारण में अफसर के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। इसी के आधार पर जिले की रैंक तय होती है। नवंबर माह में कई विभागों के अफसरों ने लापरवाही बरती और शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं किया। इससे जिले की रैंक 75वीं रही। इस माह में करीब 400 से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण नहीं किया जा सका।
जानकार सूत्रों के अनुसार इसे देखते हुए डिफाॅल्टर अफसरों की प्रशासन की ओर से पहचान कर लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। इनके विरुद्ध कार्रवाई भी हो सकती है। सूत्राें के अनुसार टॉप फाइव डिफाॅल्टर अफसरों में एक्सईएन विद्युत प्रथम, तहसीलदार बिसवां, जिला गन्ना अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सीतापुर और एसडीएम बिसवां का नाम है। ईओ वैभव त्रिपाठी को सीएम ने चेतावनी जारी की थी। बताते हैं कि वह नवंबर में 11 मामलों का समय से समाधान न करने के लिए डिफाॅल्टर पाए गए हैं।