सीतापुर। शारदीय नवरात्र की नवमी पर बुधवार को भक्तों ने मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि का आशीष मांगा। मां दुर्गा केसिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना के बाद हवन व कन्या भोज के साथ श्रद्धालुओं ने नवरात्र व्रत का पारण किया। इस दौरान शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक देवी मंदिरों से लेकर घरों तक में हवन, कन्या पूजन और भंडारे की धूम रही।
नैमिष तीर्थ स्थित मां ललिता देवी मंदिर में नवमी पर पूजा अर्चना के लिए सुबह से लेकर देर शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। शहर के आलमनगर स्थित दुर्गा मंदिर, सिटी पावर हाउस के सामने स्थित संतोषी माता मंदिर, पराग डेरी के पास काली माता मंदिर और पंजाबी धर्मशाला के मां दुर्गा मंदिर के अलावा घरों में भी हवन-पूजन व कन्या भोज कराने का क्रम दिन भर चलता रहा। घरों में स्थापित कलश के साथ नवरात्र भर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने व्रत का पारण किया।
शहर के राजा कॉलेज मैदान पर बंगाली समन्वय समिति की ओर से आयोजित दुर्गोत्सव में महानवमी पर पुरोहित सुनील आचार्य व सुबो आचार्य ने विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। मां दुर्गा का शृंगार , पुष्पांजलि के बाद महामाई की आरती उतारी गई। मां दुर्गा का कन्या को स्वरूप देकर कुंवारी पूजा की हुई। इसके बाद हवन-पूजन के साथ प्रसाद व भंडारा भी वितरित हुआ।
सांयकाल मां दुर्गा की नौ वस्तुओं से आरती उतारी गई। आरती के दौरान ढ़ाक की धुन पर धुनुची नृत्य सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। खैराबाद के मां गौरी देवी मंदिर में चल रही भागवत कथा नवमी के दिन भंडारे के साथ संपन्न हुई। नगर पालिकाध्यक्ष बेबी गुप्ता ने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाकर पूजा अर्चना कर कन्या भोज के उपरांत उनके चरण पखारे।
उधर, लहरपुर इलाके के केसरीगंज में बुधवार को 35 वें नवरात्र महोत्सव में श्री शतचंडी महायज्ञ का हवन पूजन संग समापन हुआ।