सीतापुर। कन्नौज की छिबरामऊ तहसील में वकीलों द्वारा लेखपालों की पिटाई मामले में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले की सभी तहसीलों के लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल से तहसीलों में कामकाज ठप हो गया। लेखपालों ने तहसीलों में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।
दूर-दराज से राजस्व कार्यों के लिए आए ग्रामीण तहसीलों से वापस हो गए। धरना 27 सितंबर तक लगातार चलेगा। इसी दिन लखनऊ में संघ अगली रणनीति तय करेगा। तहसील सदर में धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष राधेश्याम यादव एवं तहसील अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा ने किया।
धरने में नेताओं ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा लेखपालों पर जानलेवा हमला करने की पुनरावृत्ति से जिला कन्नौज के लेखपालों के साथ अन्य कर्मचारियों में भय व्याप्त है। कोई भी कर्मचारी ड्यूटी पर स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
अधिवक्ताओं के उत्पात एवं डीएम व पुलिस प्रशासन की असंवेदनशीलता से क्षुब्ध होकर कन्नौज के सभी लेखपालों द्वारा त्याग पत्र लिख दिया गया है। ऐसी विषम परिस्थिति में लेखपालों को मजबूर होकर प्रदर्शन शुरू करना पड़ा है।
तहसील मंत्री राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि कन्नौज की घटना से लेखपालों में नाराजगी है। शासन तत्काल दोषी अधिवक्ताओं को गिरफ्तार करे। उनका बार का लाइसेंस निरस्त किया जाए।
धरने में तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, रजिस्ट्रार कानूनगो के साथ राजस्व महासंघ के सदस्य शामिल रहे। आरके संघ के अध्यक्ष रामकुमार ने समर्थन पत्र दिया।
महमूहादाबाद में तहसील अध्यक्ष रमाकांत रावत की अगुवाई में लेखपालों ने प्रदर्शन किया। सिधौली में लेखपाल संघ अध्यक्ष सच्चिदानंद द्विवेदी के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रदर्शन किया।
बिसवां में लेखपालों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। राजस्व प्रशासनिक अधिकारी संघ की ओर से तहसीलदार राजकुमार गुप्ता, राजस्व निरीक्षक संघ के जिला उपमंत्री देशराज वर्मा ने धरना स्थल पर जाकर नैतिक समर्थन दिया।
लहरपुर संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा एवं महामंत्री डोरे डाल के अनुसार धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता पूर्व जिला अध्यक्ष लेखपाल संघ अरशद बेग ने की।