जिले में बिक रही मिठाई में खतरनाक स्तर पर मिलावट की जा रही है। इसकी पुष्टि राजकीय प्रयोगशाला की जांच में हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए बर्फी के नमूने में चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क लगा मिला है।
टीम ने इसे अनसेफ घोषित किया गया है। व्यापारी इसे चांदी का वर्क बताकर बेच रहा था। इस पर व्यापारी को नोटिस जारी करते हुए शासन से अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। खाद्य सुरक्षाधिकारी रवींद्र नाथ वर्मा ने अगस्त 2016 में मानपुर इलाके में छापेमारी की थी। इटिया शहीद चौराहा के निकट लल्लाराम की मिठाई की दुकान से बर्फी को चेक किया।
उस पर लगी वर्क में कुछ मिलावट होने की आशंका लगी। व्यापारी ने बताया कि यह चांदी का वर्क है। इस पर इसका एक नमूना भरा। नमूने को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला मेरठ भेजा गया।
वहां से आई रिपोर्ट में यह स्वास्थ्य के लिए अनसेफ मिला है। बर्फी पर चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क लगा मिला है। इस मामले में व्यापारी को नोटिस जारी किया गया है।
दाल में मिले जीवित व मरे हुए कीड़े
मटर की दाल भी कीड़े-मकौड़े वाली बेची जा रही है। इस दाल में जीवित व मरे हुए कीड़े मिले हैं। इसकी पुष्टि प्रयोगशाला जांच में हुई है। जिस पर इसे अनसेफ घोषित किया गया है। खाद्य सुरक्षाधिकारी आरएन वर्मा ने अगस्त 2016 में समाहिया चौराहा मछरेहटा के प्रवीन कुमार की किराने की दुकान पर छापा मारा था। यहां मटर की दाल में गड़बड़ी प्रतीत हुई।
जिस पर इसका एक नमूना भरा गया। नमूने को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला मेरठ भेजा गया था। वहां से आई जांच रिपोर्ट में यह अनसेफ मिला है। दाल में जीवित व मरे हुए कीड़े मिले हैं। विभाग का कहना दाल में इनकी संख्या दस प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है। जबकि यह 16.5 प्रतिशत मिले है। इस पर व्यापारी को नोटिस जारी किया गया है।