रामपुर मथुरा (सीतापुर)। गैस सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बुकिंग के बाद डीएसी नंबर उपभोक्ताओं को रुला रहा है। कई-कई दिन तक लोग अपना मोबाइल चेक करते रहते हैं और डीएसी नंबर नहीं आ रहा है। डीएसी नंबर के बगैर एजेंसी पर सिलिंडर नहीं दिया जा रहा है। अब सिलिंडर की कमी के बीच खाना बनाने के लिए लोगों को चूल्हे जलाने पड़ रहे हैं। ऐसे में लकड़ी की कीमतों में भी वृद्धि हो गई है।
रामपुर मथुरा में तीन गैस एजेंसियां हैं। सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। डीएसी नंबर न आने से सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कोंडर निवासी परशुराम ने बताया कि बुकिंग के 10 दिन बाद भी डीएसी नंबर नहीं आया है। सिलिंडर खत्म होने से चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। सूरजभान ने बताया कि करीब नौ दिन से डीएसी नंबर का इंतजार कर रहे हैं।
ललित ने बताया कि एक सप्ताह बाद भी डीएसी नंबर नहीं आया है। उधर, चूल्हे में जलाने के लिए लकड़ी की मांग बढ़ने से कीमतें तेजी से उछली हैं। मो. नईम ने बताया कि गैस सिलिंडर की कमी के बाद लकड़ी की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। एक सप्ताह पहले लकड़ी का भाव 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल था अब 1000 से 1100 रुपये क्विंटल हो गया है। ऐसे में एक बार ही खाना बनाकर रख लेते हैं। उसे दोनों टाइम खा रहे हैं।
कालाबाजारी में 1500 रुपये में बिक रहा सिलिंडर
गैस सिलिंडर की मारामारी के बीच धड़ल्ले से कालाबाजारी की जा रही है। बिचौलिये 1400 से 1500 रुपये का सिलिंडर बेच रहे हैं। एक बिचौलिये से फोन पर बात की गई तो अपना व एजेंसी का नाम बताए बगैर सिलिंडर देने को राजी हुआ। बताया कि 1400 से 1500 रुपये प्रति सिलिंडर की दर से भुगतान एडवांस करना होगा। इसके बाद सिलिंडर बताई गई जगह पर पहुंचा दिया जाएगा।
सेवता में एचपी गैस एजेंसी का निरीक्षण, स्टॉक रजिस्टर खंगाला
सेवता। बिसवां तहसीलदार उमाशंकर ने बृहस्पतिवार को श्री बालाजी एचपी गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया और गोदाम में उपलब्ध गैस सिलिंडरों की स्थिति की जांच की।