सीतापुर। रेउसा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों में 1.60 लाख रुपये की मनरेगा धनराशि का फर्जीवाड़ा किया गया है। इसका खुलासा मनरेगा लोकपाल डाॅ. अरविंद प्रताप सिंह यादव की जांच में हुआ है। संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव, तकनीकी सहायक और प्रधान से दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली की जाएगी। साथ ही रोजगार सेवक पर एक हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
मनरेगा लोकपाल डाॅ. अरविंद प्रताप सिंह यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत रेउसा, रामीपुर गोड़वा और सिकौहा में मनरेगा धनराशि के दुरुपयोग की तीन शिकायतों की जांच की गई। इससे संबंधित जिम्मेदारों से जवाब तलब किया गया। इसका जवाब नही दिया। संबंधित दस्तावेज नही दिए। न ही अपना पक्ष रखा। इससे मनरेगा एक्ट का उल्लंघन किया गया। जांच में ग्राम पंचायत रेउसा में 89,208 रुपये का फर्जीवाड़ा पाया गया। ग्राम पंचायत रामीपुर गोड़वा में 37,800 रुपये और ग्राम पंचायत सिकौहा में 33,264 रुपये का फर्जीवाड़ा पाया गया है। इस संबंध में मनरेगा लोकपाल ने डीएम को जांच रिपोर्ट भेजी है। इसमें संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव, तकनीकी सहायक और प्रधान से दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली करके मनरेगा कोष में जमा करने और रोजगार सेवक पर एक हजार रुपये को अर्थदंड की संस्तुति की है। साथ ही मनरेगा एक्ट के अनुसार दंडात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी संस्तुति की है।