सीतापुर। जिले में कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के वैज्ञानिकों के प्रयास से औषधीय खेती का क्षेत्रफल बढ़ रहा है। इसमें महिलाएं भी रुचि ले रही हैं। तहसील बिसवां क्षेत्र की कई महिलाओं की ओर से औषधीय खेती की जा रही है। वह ब्लू कॉर्न और कैमोमाइल के पौधे रोप रहीं हैं। इससे अधिक आय होती है। इसमें एक एफपीओ का भी सहयोग है।
बिसवां ब्लाॅक के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं औषधीय खेती में अधिक रुचि ले रही हैं। उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के अध्यक्ष डा. दया शंकर श्रीवास्तव की ओर से तकनीकी सहयोग किया जा रहा है। खेती करने से पूर्व उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे उन्हें खेती करने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
केवीके की ओर से गोद लिए गए ग्राम कमुआ के प्रगतिशील किसान अशोक कुमार गुप्ता की ओर से अपने खेतों के अधिकांश भाग में औषधीय खेती की जा रही है। वह बिसवां अन्नदाता एफपीओ संचालित कर रहे हैं। इनकी ओर से महिलाओं को औषधी खेती के गुर बताए जाते हैं।
महिलाओं की औषधीय फसल की खरीद भी करते हैं। इससे क्षेत्र की रहने वाली शशिबाला, सीता, रंजीता, रमा देवी, पूनम देवी, वंदना, किरन, रैनावती आदि महिलाएं औषधीय खेती कर रही हैं।