सीतापुर। कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में शुक्रवार को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रगतिशील व महिला किसानों के लिए श्री अन्न (मिलेट्स) उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर प्रशिक्षण व प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पोषण वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने प्रतिभागियों को श्री अन्न की उन्नत उत्पादन तकनीकों, पोषण संबंधी महत्व व मूल्य संवर्धन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक नमकीन मिक्स, मल्टी मिलेट आटा, दलिया, रेडी-टू-कुक मिक्स, इंस्टेंट हेल्दी मिक्स व अन्य पौष्टिक उत्पाद तैयार करने का प्रदर्शन किया। इन उत्पादों के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं व किसान स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि श्री अन्न का नियमित सेवन कुपोषण, मधुमेह, मोटापा एवं अन्य जीवनशैली संबंधी रोगों की रोकथाम में सहायक है।
उद्यान वैज्ञानिक डॉ. शुभम सिंह राठौर ने श्री अन्न को पोषण वाटिका एवं उद्यानिकी फसलों के साथ एकीकृत रूप से अपनाने पर बल देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय के साथ-साथ परिवार का पोषण स्तर भी बेहतर होता है। रेणु, मंजू, धर्मपाल यादव व मुजफ्फर हुसैन सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रगतिशील किसानों एवं महिला किसानों ने प्रशिक्षण में सहभागिता की। श्री अन्न उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन तकनीकों को अपनाकर पौष्टिक उत्पादों के निर्माण व विपणन के माध्यम से स्वरोजगार विकसित करने का संकल्प लिया।
श्री अन्न भविष्य की फसल
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. दयाशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि श्री अन्न भविष्य की फसल है, जो कम पानी एवं कम लागत में बेहतर उत्पादन देती है। उन्होंने किसानों व महिलाओं से श्री अन्न की वैज्ञानिक खेती अपनाने, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उद्यम स्थापित करने और श्री अन्न से पोषण व समृद्धि के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया। प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने किसानों को श्री अन्न की उन्नत उत्पादन तकनीकों, समूह आधारित खेती, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग एवं विपणन की जानकारी दी। किसान इससे अधिक उत्पादन व बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं।