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संवेदनशील बूथों पर दिखेगी ‘नारी शक्ति’

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सीतापुर। जिले में गुुरुवार को होने वाले पंचायत चुनाव में बाहर से आई पैरामिलिट्री फोर्स में शामिल महिलाएं अपनी निगरानी में चुनाव कराएंगी। इस बार अर्धसैनिक बल की टुकड़ी में एक भी पुरुष नहीं है। ऐसे में नारी शक्ति के हाथों संवेदनशील बूथों की सुरक्षा की जिम्मेदारी रहेगी। 29 अप्रैल को लोकतंत्र का महापर्व है। अब इसमें कुछ ही घंटे शेष बचे हैं।
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ऐसे में डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए जुट गए हैं। चुनाव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के लिए बाहर से पुलिस फोर्स आ चुकी है। इस कड़ी में एक कंपनी सीआरपीएफ भी आई है। इसमें खास बात ये है कि अर्धसैनिक बल की पूरी टोली में सभी महिलाएं ही हैं। ये महिलाओं की ही कंपनी है।
जिले में आमद होने के बाद इन महिला सीआरपीएफ की तैनाती के लिए अफसरों ने बेहतर प्लान तैयार किया है। पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती जिले के सभी संवेदनशील बूथों पर रहेगी। संवेदनशील बूथों पर लॉ एंड बिगड़ने की आशंका रहती है। अब गुरुवार को संवेदनशील बूथों पर लोकतंत्र के पर्व में नारी शक्ति की झलक दिखने के साथ सुरक्षा को लेकर इन बेटियों की मुस्तैदी अपराधियों में खौफ पैदा करने में महती भूमिका निभाने का काम करेगी।
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चुनाव में इकबाल बुलंद कर अपनी धमक कायम करने के लिए आईं महिला सीआरपीएफ की ड्यूटी करने की श्रेणी तय कर दी गई है। सभी महिला अर्धसैनिक बल को अलग-अलग बांटकर 19 क्यूआरटी की टीम बनाई गई है। सीआरएफ की एक क्यूआरटी टीम हर ब्लॉक वार तैनात रहेगी। इनके साथ सिविल पुलिस के दरोगा और अन्य पुलिस कर्मी भी रहेंगे।
सुरक्षा का कड़ा पहरा, 19 जोन में बंटा जिला
पंचायत चुनाव को कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं होने का अफसर दावा कर रहे हैं। डीएम और एसपी ने सुरक्षा का पूरा खाका खींचा है। एएसपी साउथ एनपी सिंह ने बताया कि जिले को 19 जोन में बांटा गया है। एक ब्लॉक को एक जोन बनाया गया है। संवेदनशील, अति संवेदनशील, संवेदनशील प्लस बूथों के हिसाब से सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। इसकी पूरी प्लानिंग बन चुकी है।
सीमाओं पर नाकेबंदी, बैरियर बनाए गए
चुनाव के दिन जिले की सभी सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बिना जांच के किसी को भी जिले की सीमा में एंट्री नहीं मिलेगी। इसके लिए जबरदस्त नाकेबंदी की गई है। एएसपी का कहना है कि सीमाओं की सुरक्षा बेहद अहम होती है। कोई भी बाहरी व्यक्ति आसानी से नहीं आ सके, इसके लिए ये इंतजाम किए गए हैं। 30 बैरियर और 20 पुलिस पिकेट बनाए गए हैं।
यहां पर सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा। चुनाव में कभी भी अधिक पुलिस बल की जरूरत पड़ सकती है। इसको लेकर एसपी आरपी सिंह, एएसपी एनपी सिंह ने पुलिस की कई टीमों को रिजर्व में अलग-अलग स्थानों पर रोकने का फैसला किया है। इस मोबाइल टीम का नाम दिया गया है। इसमें एक दरोगा, एक हेड कांस्टेबल, 17 सिपाही रहेंगे। इस मोबाइल टीम को बिसवां, लहरपुर, कल्ली, महमूदाबाद पुलिस लाइंस आदि स्थानों पर रिजर्व में रोका गया है।
16 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सुरक्षा की कमान 16 हजार पुलिस कर्मियों के हाथों में रहेगी। इसमें सीओ, इंस्पेक्टर, दरोगा, सिपाही और होमगार्ड तक शामिल हैं। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए करीब 12 हजार पुलिस फोर्स गैर जिलों से मांगी गई है। ये पुलिस टीम आ चुकी है।
इसके अलावा जिले की करीब चार हजार पुलिस चुनावी ड्यूटी में लगाई गई है। चुनाव में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अलावा पीएसी को भी लगाया गया है। एएसपी का कहना है कि चार कंपनी पीएसी लगाई जाएगी। कुछ को रिजर्व में भी रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर मौके पर भेजा जा सके।
वर्जन...
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। सेक्टर मोबाइल, सेक्टर मजिस्ट्रेट बन चुके हैं। चुनाव में करीब 16 हजार पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। 12 हजार पुलिस फोर्स बाहर से आई है। एक कंपनी महिला सीआरपीएफ आई है। इन्हें संवेदनशील बूथों पर तैनात किया जाएगा। ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल होगा।
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- एनपी सिंह, एएसपी साउथ/चुनाव नोडल अधिकारी
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