सीतापुर। बिसवां रेंज के थानगांव इलाके में जंगली जानवर के हमलों की घटनाएं थम नहीं रही हैं। बैजवारी गांव में बुधवार देर रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहे रामदास पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। चादर सहित उनका पैर मुंह में दबोच लिया।
शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण दौड़े तो जानवर भाग निकला। पीड़ित रामदास का दावा है कि हमला करने वाला जानवर भेड़िया था। गांव में लगातार जंगली जानवर के हमलों से खौफजदा ग्रामीण रतजगा करने के लिए विवश हैं।
इससे पहले बैजवारी गांव में 21 जुलाई की रात गुड़िया की चार माह की पुत्री सोनम को जंगली जानवर उठा ले गया था, जिसका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इसके बाद 25 जुलाई की रात अरुण कुमार शुक्ल की पुत्री शिविका पर भी हमला हुआ था, लेकिन मां के शोर मचाने पर जानवर उसे छोड़कर भाग गया था।
रविवार देर रात किशोरी के घर के पास किसी जानवर की आवाज सुनाई देने से ग्रामीणों में फिर दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि सोनम की घटना के बाद बैजवारी गांव में जंगली जानवर का चौथा हमला है। वन विभाग की टीम गांव में लगातार डेरा डाले हुए है, लेकिन अब तक जंगली जानवर का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। इससे ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।
बिसवां रेंजर अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार गश्त व कॉम्बिंग की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में रहने की सलाह दी जा रही है। जंगली जानवर की तलाश जारी है।