अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रशीला ने दहेज हत्या के मामले में दोषी एक पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल कुमार यादव ने की।
संदना के ग्राम देवरीकली निवासी श्रीओम का विवाह 29 मई 2010 करे बृजेश कुमार मिश्रा की पुत्री बिटिया के साथ हुआ था। विवाह के बाद से श्रीओम के परिवार वाले दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे। बाइक न मिलने पर ये लोग बेटी को प्रताड़ित करने लगे थे। इसी बीच विवाह के एक माह के भीतर ही ससुराल में उसकी हत्या कर दी गई।
बृजेश ने श्रीओम व उसके पिता राजकुमार, मां रामदुलारी तथा दो चाचा मनोहर व रामचंदर के खिलाफ संदना थाने में केस दर्ज कराया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान सास रामदुलारी व चचिया ससुर रामचंदर की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने ससुर राजकुमार व चचिया ससुर मनोहर को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
जबकि श्रीओम को घटना का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।