जिला एवं सत्र न्यायाधीश निसामुद्दीन ने महिला की हत्या के मामले में उसके पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता रघुवीर सिंह यादव ने की।
संदना के ग्राम धंवरपारा में 14 मार्च 2010 को रामदेवी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पिता राम दयाल ने रामदेवी के पति चंद्रपाल व देवर जगदीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
सत्र न्यायाधीश निसामुद्दीन ने आरोपी देवर को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया, लेकिन पति चंद्रपाल को घटना का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।