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सिपाही ने क्यों की हत्या, कारण तलाश रही पुलिस

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सीतापुर। राजधानी लखनऊ में लोहिया अस्पताल के सामने सीतापुर में तैनात जिस सिपाही ने युवक की गोली मारकर हत्या की, वह मृतक के कैदी पिता की सुरक्षा में 25 मई से लगा हुआ था। जानकारी पर एसपी ने सीओ मिश्रिख और एसओ अटरिया को मौके के लिए रवाना कर दिया है। पुलिस हत्या की वजह तलाश रही है।
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एएसपी साउथ एनपी सिंह ने बताया कि लेखनापुर गांव पहले मिश्रिख इलाके में आता था, लेकिन नैमिषारण्य थाना बनने के बाद अब ये गांव नैमिषारण्य इलाके में आ गया है। सीओ मिश्रिख एनपी सिंह ने बताया कि लेखनापुर गांव निवासी ध्रुव सिंह ने 1997 में हत्या की एक वारदात को अंजाम दिया था। उसी मामले में मार्च 2021 में ध्रुव सिंह को उम्रकैद की सजा हुई थी।
सजा पाने के बाद से वह जेल में था। जेलर आरएस यादव ने बताया कि अप्रैल में सजायाफ्ता कैदी की तबीयत खराब हुई थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसे कैंसर होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने कैदी को लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया था, लेकिन उस समय कोरोना का कहर तेज होने की वजह से केजीएमयू में भर्ती न कराकर उसे राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसका इलाज चल रहा था।
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एएसपी साउथ एनपी सिंह ने बताया कि राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कैदी धुव्र सिंह की सुरक्षा में पुलिस लाइंस से सिपाही आशीष मिश्रा को लगाया गया था। सिपाही 25 मई से कैदी की सुरक्षा में लोहिया अस्पताल में लगा हुआ था। कैदी की देखभाल के लिए उसका बेटा प्रवीण सिंह भी था, जहां पर बुधवार शाम को सिपाही आशीष मिश्रा ने गोली मारकर कैदी के बेटे प्रवीण सिंह की हत्या कर दी। हत्या क्यों और किस वजह से की गई है, पुलिस इसका पता कर रही है।
अवैध असलहे से की हत्या
पुलिस सूत्रों की माने तो सिपाही ने सरकारी रायफल का इस्तेमाल नहीं किया है। रायफल उसके पास ही थी, लेकिन सूत्रों का दावा है कि अवैध असलहे से वारदात को अंजाम दिया है। असलहा भी मृतक प्रवीण सिंह का बताया जा रहा है, लेकिन इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। अगर असलहा प्रवीण का था तो वह अस्पताल में पिता की देखभाल के दौरान क्यों रखता था, ये भी बड़ा सवाल है, लेकिन जिले की पुलिस अभी इस पर कुछ खुलकर नहीं बोल रही है।
2016 बैच का सिपाही है आशीष
हत्या की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी सिपाही आशीष 2016 बैच का है। एएसपी साउथ ने बताया कि सिपाही बदायूं जिले के बिनावर कस्बे का रहने वाला है। बताया कि सिपाही 2017 से ही संभवत: जिले में तैनात है।
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