सीतापुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा कड़ी सुरक्षा निगरानी के बीच बुधवार को 146 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। पहले दिन हिंदी के प्रश्नपत्र में 88,365 परीक्षार्थी शामिल हुए जबकि 4558 विद्यार्थियों ने गैर हाजिर रहकर परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे विद्यार्थियों का स्वागत तिलक लगाकर किया गया।
परीक्षा के पहले दिन कई परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों के देर से पहुंचने की शिकायतें आईं। डीआईओएस ने बीईओ के माध्यम से शिक्षकों की कमी को दूर कराया। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था परखने के लिए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सचल दल व अन्य अफसरों ने कई केंद्रों का भ्रमण भी किया। इस दौरान कही कोई गड़बड़ी उजागर नहीं हुई। पहले दिन शांतिपूर्ण परीक्षा शुरू होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
पहली पाली में हाईस्कूल की परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी एक घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को टीका लगाने के साथ पुष्प वर्षा भी की। विद्यार्थी भी गुरुजनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने के बाद परीक्षा कक्षों में पहुंचे।मुख्य गेट पर हर परीक्षार्थी की सघन तलाशी हुई। हाई स्कूल की हिंदी परीक्षा के लिए 51,403 विद्यार्थी पंजीकृत थे। जिनमें से 48,694 ही परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 2709 ने परीक्षा में हिस्सेदारी नहीं की। इसी तरह प्रारंभिक हिंदी में 20 में से 18 ने ही परीक्षा दी।
दूसरी पाली में 12वीं में हिंदी का प्रश्नपत्र था। इसमें 17013 में से 16117 ने विद्यार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए जबकि 896 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पंजीकृत 24,487 में से 23,536 ने परीक्षा दी जबकि 951 छात्र अनुपस्थित रहे।
आज इन विषयों की होगी परीक्षा
हाईस्कूल में कंप्यूटर व सिलाई का प्रश्नपत्र होगा। इसी तरह इंटरमीडिएट में नागरिक शास्त्र, काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई शिल्प सहित 20 विषयों का प्रश्नपत्र होगा।
दूर हुई शिकायतें
जिले में शांतिपूर्ण तरीके से बोर्ड की परीक्षा शुरू हो गई। परीक्षा के दौरान नकल की कही से कोई शिकायत नहीं मिली। कंट्रोल रूम में शिक्षकों की कमी से जुड़ी कुछ शिकायतें आई थी। इन्हें तत्काल दूर करवा दिया गया।
राजेंद्र सिंह, डीआईओएस
परीक्षा केंद्रों पर तिलक लगाकर हुआ स्वागत, 4,558 ने छोड़ी परीक्षा
विद्यार्थियों का टीका लगाकर व पुष्प वर्षा करके किया गया स्वागत
डीएम, एसपी व अन्य अफसर करते रहे भ्रमण, नहीं पकड़ी गई नकल
फोटो- 40,41,42
संवाद न्यूज एजेंसी
सीतापुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा बुधवार को 146 परीक्षा केंद्रों पर प्रारंभ हुई। पहले दिन हिंदी के प्रश्नपत्र में 4558 विद्यार्थी गैर हाजिर रहे। 88365 विद्यार्थियों ने पूरी लगन के साथ परीक्षा में शिरकत की। कई परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक न पहुंचने की शिकायतें आईं। डीआईओएस ने बीईओ के माध्यम से शिक्षक उपलब्ध करवाएं। डीएम, एसपी, सचल दल व अन्य अफसरों ने भ्रमण किया। इस दौरान कही कोई नकल नहीं मिली। कंट्रोल रूम के जरिये बराबर निगरानी होती रही। पहले दिन शांतिपूर्ण परीक्षा शुरू होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
पहली पाली में हाईस्कूल में हिंदी का प्रश्नपत्र था। विद्यार्थी एक घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को टीका लगाया। पुष्प वर्षा की। विद्यार्थियों ने भी गुरुजनों के चरण स्पर्श करके उनको आशीर्वाद लिया। मुख्य गेट पर विद्यार्थियों की सघन तलाशी ली गई। इसके बाद कॉलेज के अंदर पहुंचकर सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा दी। हिंदी में 51403 विद्यार्थी पंजीकृत थे। 48694 ने परीक्षा दी। 2709 गैर हाजिर रहे। इसी तरह प्रारंभिक हिंदी में 20 के सापेक्ष 18 ने परीक्षा दी। दो अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 12वीं में हिंदी का प्रश्नपत्र था। इसमें 17013 के सापेक्ष 16117 ने परीक्षा दी। 896 अनुपस्थित रहे। सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पंजीकृत 24487 के सापेक्ष 23536 ने परीक्षा दी। 951 अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर, एसी अंकुर अग्रवाल, पर्यवेक्षक उप निदेशक मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण नीलम ने परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया। इस दौरान कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए। शिक्षकों के आईकार्ड देखे व अन्य व्यवस्थाएं देखी। पूरे जिले में शांतिपूर्ण परीक्षा निपट गई। वहीं, डीएम ने डीआईओएस कार्यालय में पहुंचकर कंट्रोल रुम को भी देखा।
इनसेट
आज इन विषयों की होगी परीक्षा
हाईस्कूल में कंप्यूटर व सिलाई का प्रश्नपत्र होगा। इसी तरह इंटरमीडिएट में नागरिक शास्त्र, काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई शिल्प सहित 20 विषयों का प्रश्नपत्र होगा।
इनसेट
दूर हुई शिकायतें
जिले में शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा प्रारंभ हो गई है। नकल की कही से कोई शिकायत नहीं मिली है। कंट्रोल रुम में कुछ शिकायतें आई थी। इन्हें तत्काल दूर करवा दिया गया है।
राजेंद्र सिंह, डीआईओएस