मिश्रिख (सीतापुर)। तरसावां गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पिछले करीब छह माह से जलभराव है, जिससे सावन माह में शिवभक्तों पूजन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का मानना है कि समस्या दूर न होने की स्थिति में सावन में भक्तों को जलाभिषेक करने में दिक्कत होगी।
मुख्यमंत्री द्वारा सावन माह में शिवालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जाने के बावजूद गोंदलामऊ के तरसावां गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में जलभराव की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निर्मल मौर्य, अनुराग तिवारी, उमाकांत तिवारी, रियाज ने बताया कि इस समस्या के कारण श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने नहीं आ पाते हैं। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सावन मास नजदीक है, ऐसे में समस्या का निदान नहीं हो सका तो शिवभक्तों को भारी परेशानी होगी। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर की तत्काल सफाई कराने तथा मिट्टी पटान की मांग की है।
गोंदलामऊ वीडीओ संदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों को भेजकर सफाई करा दी है। हालांकि, मौके पर जाकर देखने से पता चलता है कि मंदिर परिसर में अभी भी कीचड़ और गंदगी जमा है। नालियां बदहाल स्थिति में हैं।