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घटा पानी, तेज हुई कटान

Sun, 21 Aug 2016 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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river - फोटो : amar ujala
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घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट आई है। इससे रेउसा क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त इलाके में बाढ़ का पानी नदी में खिसक गया है। पानी घटने के साथ कटान से मुसीबत बढ़ गई है। घाघरा नदी तटीय क्षेत्रों में तेजी से कटान कर रही है।
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रामपुर मथुरा इलाके के लोधन पुरवा में नदी ने आठ मकानों को काट दिया है। ऐसे में लोधन पुरवा गांव के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। रेउसा इलाके में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। नदी का पानी करीब तीन फीट तक नीचे चला गया है।

इससे बाढ़ग्रस्त कोनी, दुर्गा पुरवा, रामलाल पुरवा, जैतहिया आदि 60 गांवों से पानी तेजी से नदी में खिसक रहा है। पानी खिसकने के बाद अब गांवों में हर तरफ कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा है। इन क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या मच्छरों का प्रकोप बनकर सामने आ रही है।
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पचीसा व परमेश्वर पुरवा के निकट नदी खेतों में कटान कर रही है। यहां पर पैकरमा, मुंशी व मुन्ना की 15 बीघा जमीन को नदी लील चुकी है। रामपुर मथुरा क्षेत्र में नदी लोधन पुरवा गांव में तेजी से कटान कर रही है। शनिवार की रात गांव के सियाराम, अवधेश, परागी, अवधराम, स्वामी दयाल, मुरली, देवीदीन व फूलचंद के घर कटकर नदी में बह गए।

यहां पर नदी के कटान को देखते हुए पीड़ित परिवारों ने घर पहले ही खाली कर दिए थे। जिसकी वजह से कोई जनहानि नहीं हुई। अब तक इस गांव में करीब 34 घर कट चुके हैं। अन्य घर भी घाघरा के कटान के मुहाने पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब सिर्फ 4 घर ही बचे हैं।

नदी उन घरों को भी आगोश में लेने के लिए बेताब नजर आ रही है। कटान की रफ्तार अगर यूं ही रही तो कुछ  ही दिनों में लोधन पुरवा गांव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इस गांव के पीड़ितों ने सड़कों पर जहां तहां डेरा डाल रखा है।

मदद के नाम पर पीड़ित परिवारों को सिर्फ आश्वासन ही मिला है। उधर, रेउसा क्षेत्र में टापू पर बसे पचीसा गांव पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। टापू का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा ही बचा है।

कटान पीड़ितों ने इसी हिस्से पर अपना डेरा डाल रखा है। नदी यहां भी तेजी से कटान कर रही है। टापू पर बसे सीताराम, नन्हके, विनोद, उदयराज आदि का कहना है कि उनके घरों से महज 200 मीटर की दूरी पर नदी कटान कर रही है।  

बाढ़ से राहत
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से अब तटीय इलाकों में बाढ़ की मुसीबत से राहत मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। रविवार को शारदा व घाघरा बैराजों से 91535 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। फिलहाल इस क्षेत्र में बाढ़ की मुसीबत से राहत मिलती नजर आ रही है।  

बीमारी पसार रही पांव
बाढ़ की मुसीबत के बाद अब लोग बीमार पड़ने लगे हैं। जलभराव व कीचड़ के कारण इस क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। जिसकी वजह से लोग बुखार व उल्टी दस्त जैसे रोग का शिकार हो रहे हैं। ये क्षेत्र के जैतहिया, परमेश्वर पुरवा, जिन्ना पुरवा आदि गांवों में काफी संख्या में लोग बीमार पड़े हैं। 
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