सीतापुर। रुक-रुककर हो रही बारिश से बुधवार को मौसम खुशनुमा रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश का असर विद्युत आपूर्ति पर भी पड़ा। देवगवां फीडर में खराबी के चलते 14 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। वहीं किसान इस बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद बता रहे हैं।
बुधवार को मौसम का मिजाज सुबह से ही कुछ अलग दिखाई दिया। सुबह सात बजे से हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। धीरे-धीरे बूंदाबांदी तेज हो गई। सुबह नौ बजे से तेज बारिश होने लगी। यह सिलसिला पूर्वाह्न 11 बजे तक जारी रहा। इससे सुबह सड़कों पर बच्चे स्कूल भीगते हुए दिए।
अभिभावक उनको किसी तरह बारिश से बचाने का प्रयास करते रहे। इस बारिश के कारण मौसम में गर्मी भी नहीं रही। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हो गया। शहर के विकास नगर, खूबपुर, मुंशीगंज, भार्गव कॉलोनी सहित 15 से अधिक मोहल्लों में जलभराव हो गया।
हाल यह रहा विकास नगर में संपर्क मार्ग के ऊपर से पानी बहने लगा। इससे लोगों को निकलने में असुविधा का सामना करना पड़ा। कैंची पुल पर भी पानी भरने से वाहनों की रफ्तार कम हो गई। धीरे-धीरे वाहन गुजरें, इससे जाम की भी समस्या बन गई।
14 घंटे गुल रही बिजली
कुतुबनगर। मिश्रिख उपकेंद्र से जुड़े देवगवां फीडर की विद्युत आपूर्ति कई दिनों से बेपटरी चल रही है। बुधवार को हुई बारिश से तकनीकी खराबी आ गई। इसकी वजह से करीब 14 घंटे लगातार आपूर्ति गुल रही। इसके कारण करीब एक लाख की आबादी प्रभावित हुई। देवगवां फीडर की विद्युत आपूर्ति चल रही थी।
सुबह करीब आठ बजे एकाएक गुल हो गई। जब उपभोक्ताओं ने अफसरों से जानकारी हासिल की तो पता चला कि तकनीकी खराबी आ गई। इसको दुरुस्त करने में काफी समय लगा। शाम तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लंबे समय तक बिजली गुल होने से इनवर्टर दगा दे गए। व्यापारियों का रोजगार ठप हो गया।
फायदेमंद है बारिश
बुधवार को हुई बारिश से फसलों को फायदा हुआ है। किसान नरेंद्र शुक्ला का कहना है कि इस समय गन्ने व धान की फसल खेतों में खड़ी है। इन दोनों फसलों को पानी की जरुरत पड़ रही थी।
पिछले कई दिनों से धूप होने से खेतों में सूखापन आ गया था। लेकिन बुधवार को हुई बारिश से फसलों को भरपूर पानी मिल गया। खेतों में जरुरत के मुताबिक पानी भरा हुआ है। किसान सौरभ का कहना है कि इससे फसल की पैदावार अच्छी होगी। धान को भी काफी फायदा हुआ है।