घाघरा नदी के जलस्तर में उफान आ रहा है। नदी ने तटीय क्षेत्रों में कटान करना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए तटीय क्षेत्र के ग्रामीणों की मदद के लिए चार वाहन लगाए हैं। इन वाहनों से गांव के लोग गृहस्थी का सामान समेट सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
रेउसा से होकर गुजरने वाली शारदा व घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बनबसा बैराज से 86 हजार क्यूसेक व शारदा बैराज से 65 हजार क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया है। यह पानी तेजी से सीतापुर की तरफ बढ़ रहा है। इससे घाघरा नदी ने गोड़ियन पुरवा व निर्मलपुरवा में कटान शुरू कर दी है।
नदी का पानी गांव के बेहद करीब आ गया है। इस वजह से बिसवां एसडीएम सर्वेश कुमार गुप्ता ने चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मदद के लिए दोनों गांवों में लगाया है। गांव के लोग ट्रॉलियों में घरेलू सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
शनिवार को गोड़ियन पुरवा केे मिश्रीलाल, रामदयाल, बदलू, बलराम, संतोष, किशोर, कमलेश, राम लखन, बाबूराम, पैकरमा, बांके व निर्मल पुरवा में सोहन लाल, दुआदीन व कई अन्य के घर नदी की कटान की भेंट चढ़ गए। गृहस्वामी घरेलू सामान समेटकर वहां से पलायन की तैयारी कर रहे थे। नदी में तेजी से बढ़ते जल स्तर के कारण ग्रामीणों की धड़कने बढ़ गईं हैं। लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।
घाघरा के तेजी से बढ़ रहे जलस्तर ने रेउसा-बहराइच मार्ग पर बने रहे चहलारी घाट पुल के निर्माण कार्य की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। पुल के नीचे काम कर रहीं क्रेन, ट्रक व बुलडोजर को कार्यदायी संस्थाओं ने हटा लिया है। पुल का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
एसडीएम बिसवां ने कहा कि बैराजों से अभी इतना पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे बाढ़ जैसी नौबत आ जाए। अभी बाढ़ के कोई संकेत नहीं हैं। जिन गांवों में नदी कटान कर रही है। वहां ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने के लिए चार ट्रैक्टर ट्रॉलियां लगाई गईं हैं। ताकि कोई जनहानि न होने पाए।