सीतापुर। लगातार बारिश से जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई। करीब 1435 गांवों में आठ से 16 घंटे तक बिजली गुल रही। कई स्थानों पर शनिवार को आपूर्ति बहाल हुई तो कुछ इलाकों में अभी भी संकट बना रहा। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। जन्माष्टमी का पर्व भी कई गांवों में अंधेरे में मनाना पड़ा।
बारिश के कारण जगह-जगह बिजली के तार टूटने, जंपर उड़ने और अन्य फाल्ट की घटनाएं हुईं। बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े गांवों में शुक्रवार रात दो बजे गुल हुई बिजली शनिवार शाम चार बजे बहाल हो सकी। इस दौरान तीन स्थानों पर पोल गिर गए और चार जगह जंपर उड़ गए।
बभनेवा उपकेंद्र क्षेत्र में जर्जर तारों के टूटने से लगातार समस्या बनी हुई है। शुक्रवार सुबह आठ बजे फाल्ट आने के बाद शाम पांच बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन करीब एक घंटे बाद फिर बाधित हो गई। शनिवार दोपहर दो बजे बिजली आई, जिसके बाद भी ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा।
पिसावां में ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण शुक्रवार शाम चार बजे बिजली गुल हुई, जो देर रात दो बजे बहाल हुई। इससे ग्रामीणों को जन्माष्टमी का पर्व अंधेरे में मनाना पड़ा। रामकोट और मिश्रिख उपकेंद्र से जुड़े गांवों में भी बारिश के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। सिधौली, लहरपुर, तंबौर, कमलापुर और खैराबाद क्षेत्र में भी उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
संदना में रातभर आंख-मिचौली
संदना। जन्माष्टमी पर शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। रोस्टिंग, 33 केवी लाइन में फाल्ट और गेंधारिया फीडर के ब्रेकडाउन के कारण कई बार आपूर्ति बाधित हुई। शुक्रवार शाम 5:45 से 7:50 बजे तक रोस्टिंग रही। रात करीब नौ बजे 33 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। करीब आधे घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन रात 10:38 बजे फिर रोस्टिंग शुरू हो गई। रात 12:40 बजे बिजली आने के बाद गेंधारिया फीडर ब्रेकडाउन हो गया। शनिवार सुबह 5:10 से 6:10 बजे तक फिर रोस्टिंग रही। रातभर ट्रिपिंग भी होती रही। अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि बारिश के कारण कई स्थानों पर फाल्ट आए हैं। उन्हें दूर कर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।