बेहटा (सीतापुर)। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं है। जरूरत है सिर्फ पहला कदम बढ़ाने की। इसके बाद लक्ष्य तक पहुंचने में कोई बाधा रोक नहीं सकती। कुछ ऐसा ही जज्बा क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीणों ने कर दिखाया है। ग्रामीणों ने चौका नदी पर अपने हौसलों से बांस-बल्लियों का पुल बनाकर रास्ते में आने वाली दुश्वारियों को ठोकर मार दी है।
पुल बनने से करीब 25 गांवों के लोगों का आवागमन सुगम होगा। पुल के लिए ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से कई बार गुहार लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई न होने के बाद उन्होंने खुद ही यह बीड़ा उठा लिया। सुमरावा गांव से चौका नदी निकली है। नदी की वजह से क्षेत्र के करीब 25 गांवों का आवागमन बाधित होता है।
ग्रामीणों को अपने काम से बाजार, थाना, कोतवाली, बैंक, स्कूल, अस्पताल जाने में 20 किमी. का चक्कर काटकर जाना पड़ता है। यह समस्या हर किसी को अखर रही थी। इसके समाधान के लिए ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग उठाई। आखिरकार नेताओं, अधिकारियों की मनुहार करके थक चुके ग्रामीणों ने स्वयं ही यह बीड़ा उठाया। चंदा जुटाया, श्रमदान किया और बांस बल्लियों का अस्थायी पुल तैयार किया।
कुंज बिहारी निषाद, मलखे, उत्तम, बेचे लाल, राकेश कुमार, झब्बू, मेवा लाल, महेश, अभिराम अवस्थी आदि ग्रामीणों ने बताया पुल न होने से परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब समस्या दूर हो जाएगी। क्षेत्र के सुमरावा, अदवारी, भकली, क्योटाना, ऊंचगांव सहित अन्य गांवों के निवासियों को पुल न बनने से अधिक दिक्कत होती थी। उन्हें ब्लॉक मुख्यालय से कराने वाले छोटे-छोटे काम में पूरा दिन लग जाता था। अब क्षेत्रवासियों को अपने मूलभूत काम करने के लिए 20 किलोमीटर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। साथ ही समय की भी बचत होगी।
सुमरावा पुल का जायजा लिया है। ग्रामीणों को होने वाली दिक्कतों को मद्देनजर रखते हुए शासन प्रशासन को पत्र लिखकर जल्द से जल्द स्थायी पुल निर्माण कराने के लिए प्रयास किया जाएगा।
- सुनील वर्मा, विधायक लहरपुर