मेडिकल स्टोर के गोदाम में नशीली दवाओं की चेकिंग करते औषधि विभाग के कर्मी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
खैराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत दारानगर पहुंचे बीडीओ उस वक्त दंग रह गए, जब एक ग्रामीण ने खुली बैठक में उनके समक्ष मेज पर पीला ईंटा और मानक विहीन मसाला रख दिया। यह देखकर भी वे असहाय नजर आए। इस मामले में बीडीओ कार्रवाई करने से बचते दिखे।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्रामों में शौचालय निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक शौचालय निर्माण को लाभार्थी का चयन कर उनके खाते में धनराशि भेजी जाती है। लाभार्थी को अपने शौचालय का निर्माण कराना होता है, लेकिन यहां सब गोलमाल चल रहा है।
लोहिया गांव होने के बाद भी शौचालय निर्माण की धनराशि ग्राम निधि खाते में भेजी जा रही है सेक्रेटरी सत्यदेव त्रिपाठी इनका निर्माण अपने निजी लोगों से करा रहे हैं। मामले में प्रधान की भी सुनी नहीं जा रही हैं। रविवार दोपहर गांव में खुली बैठक बुलाई गई थी।
इस बैठक में बीडीओ राकेश पांडेय आए थे। लोगों ने शौचालय निर्माण में पीली ईंट व मानकविहीन मसाला बीडीओ के सामने मेज पर रख दिया। लेकिन वह इस मामले में कुछ कर पाने में असहाय दिखे।
मामले में बीडीओ राकेश पांडेय ने बताया कि शौचालय निर्माण का रूपये चुनाव के पहले का हैं, जो ग्राम निधि खाते में आया था। सचिव द्वारा यह शौचालय बनवाए जा रहे है। ग्र्रामीणाें की शिकायत की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।