महोली (सीतापुर)। पिपरझला गांव में बाघ के हमलावर होने के बाद आसपास के गांवों के ग्रामीण भी दहशत में आ गए हैं। रविवार को बाघ ने पिपरझला गांव के निकट एक बकरी को निवाला बनाया था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को बाघ के पगचिह्न मिले थे।
क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी से किसानों की खेतीबाड़ी प्रभावित हो रही है। पिपरझला निवासी कुलदीप बाजपेयी व सत्य प्रकाश ने बताया कि गांव के बाहर उनके मकान हैं। मकान के पास पशुबाड़ा बना रखा है, जहां पर मवेशी हैं। सोमवार सुबह पशुबाड़ा के पास भी बाघ के पगचिह्न मिले हैं। वन विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। पिपरझला समेत तिलकपुर, चाऊबिरवा, रोहिला, मिर्जापुर, लालपुर सिकटिहा के किसान क्षेत्र में बाघ की आमद से भयभीत हैं, खेतों की तरफ नहीं जा रहे हैं।
किसान प्रदीप मिश्रा, संगम, छोटेलाल व कमलेश ने बताया कि धान की रोपाई के लिए खेत तैयार हैं। क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। यहां तक कि सोमवार को पशुपालक अपने मवेशियों के लिए घास लेने भी खेतों की तरफ नहीं जा सके। क्षेत्रीय वनाधिकारी कल्पेश्वर नाथ भार्गव ने बताया कि शाम को टीम कॉम्बिंग के लिए जाएगी।