फर्जी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे तीन शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में प्रमाणपत्र के फर्जी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने तीनों से स्पष्टीकरण मांगा था। तय समय में जवाब न मिलने पर विभाग ने यह कार्रवाई की।
मथुरा जिले के वृंदावन निवासी प्रीति यादव की नियुक्ति एक जुलाई 2024 को महमूदाबाद के कंपोजिट विद्यालय अहिबनपुर में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। नियुक्ति के बाद अभिलेखों की जांच के दौरान उनका टीईटी प्रमाणपत्र ऑनलाइन सत्यापित नहीं हो सका। इसके बाद ऑफलाइन जांच के लिए प्रयागराज स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय भेजा गया। जांच रिपोर्ट में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
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इसी तरह पिसावां के प्राथमिक विद्यालय रामपुर में तैनात कासगंज जिले के ढेला सराय निवासी वीरपाल सिंह और बेहटा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गड़ौसा में कार्यरत हाथरस जिले के बिसावर निवासी प्रशांत कुमार के टीईटी प्रमाणपत्र भी जांच में फर्जी मिले। बीएसए ने तीनों को नोटिस देकर जवाब मांगा था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।