ग्रामीण अब अब खेतों की ओर जाने से बच रहे
ग्रामीणों के अनुसार, भागते समय सियारों ने कौशल की दो, राम की एक और रामप्रकाश की एक भैंस पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल पिता-पुत्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोंदलामऊ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देखते हुए दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। ग्रामीणों ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सियारों को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। गांव के लोग अब अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।
इस बीच चर्चा है कि हमले के बाद ग्रामीणों ने एक सियार को पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि सियार के हमले की पुष्टि हुई है, लेकिन उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वन विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। एसडीओ ब्रजेंद्र पांडेय ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल भी जाना।
गौरतलब है कि इस वर्ष क्षेत्र में सियारों के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फरवरी और मार्च में भी कई ग्रामीण इन हमलों में घायल हुए थे, जबकि एक व्यक्ति की जान भी चली गई थी। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
पूर्व में भी सियार ग्रामीणों पर कर चुके हैं हमला, युवक की हुई थी मौत
22 फरवरी 2026: भटखेखवा गांव में 60 वर्षीय बाबू पर खेत जाते समय सियार ने हमला कर घायल कर दिया था।
26 फरवरी 2026: गुलामऊ गांव में एक ही दिन सियार ने सीताराम (30), फूलमती और रामजीवन पर हमला किया था। इस घटना में रामजीवन की मौत हो गई थी।
12 मार्च 2026: ब्रह्मावली गांव में खेत पर काम कर रहे राजकुमार पर सियार ने हमला कर घायल कर दिया था।
14 मार्च 2026: औरंगाबाद के कम्हूपुर गांव में सियार ने बल्लू, अल्ताफ, नीलोफर और चुन्नू पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था।