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यूपी: डिप्टी सीएम को देख चिल्लाए मरीज, साहब- बाहर की दवाएं लिखते हैं यहां के डॉक्टर; जानिए औचक निरीक्षण का हाल

Sun, 01 Jun 2025 08:23 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, सीतापुर

सार

Brajesh Pathak surprise inspection: यूपी के डिप्टी सीएम शनिवार को सीतापुर के दौर पर थे। वहां उन्होंने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जानिए डिप्टी सीएम को क्या मिला...
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डिप्टी सीएम को देखकर जमा हो गए मरीज। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सुबह 10.52 पर यूपी के सीतापुर के जिला अस्पताल गेट पर डीएम व एसपी डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का इंतजार कर रहे थे। दो मिनट बाद डिप्टी सीएम का काफिला पहुंचा तो अफसर अलर्ट हो गए। डिप्टी सीएम पर्चा काउंटर पर लगी लाइन देखकर सीधे मरीजों के बीच पहुंच गए। सीएमएस ने पूछा कितने काउंटर है तो बोले सर तीन.. तो वह मैनपॉवर खिड़की छाककर गिरने लगे। सीएमएस से कहा भीड़ बहुत है इसलिए कम से कम पांच काउंटर बनाएं। मरीज जोर से चिल्लाएं साहब बाहर से दवा लिखी जाती है। एक रुपये का पर्चा 50 रुपये में बनता है। इससे डिप्टी सीएम बेहद नाराज दिखे। ऐसी समस्या कई मरीजों ने बताई। 

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करीब 10 मिनट मरीजों से बात करने के बाद सीधे वह इमरजेंसी कक्ष की तरफ पहुंचे तो आंख उठाकर ऊपर देखी तो एक्जॉस्ट फैन का केवल फेम लगा था। सीएमएस से कहा पंखा कहां है तो वह नहीं बता पाए। गेट के पास ही अग्रिशमन सिलिंडर लगा था। इस पर एक्सपायर्ड तिथि अंकित थी तो दूसरी पर नहीं थी। मंत्री ने कई बार सिलिंडर इधर-उधर घुमाया, लेकिन डेट नहीं दिखी। प्रभारी मंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह भी सिलिंडर पलटते रहे। उसके बाद इमरजेंसी में अंदर जाकर मरीजों से हालचाल लिया। 10 मिनट बाद वह इमरजेंसी भर्ती कक्ष में पहुंचे तो एसी देखी तो वह बंद मिली।

सीएमएस से पूछा यह कैसे बंद है तो सीएमएस सिस्टर-सिस्टर कहकर आवाज लगाने लगे। लेकिन जवाब नहीं दे पाए। इसी वार्ड में भर्ती एक बच्चे को देखकर कहां कि इसे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराओ। 15 मिनट बाद वह मीटिंग के लिए आयुष कक्ष की तरफ निकले तो पैथालॉजी का इमरजेंसी गेट बंद था। सीएमएस से पूछा तो बोले सर दूसरी तरफ खुलता है। डिप्टी सीएम ने कहा कि इमरजेंसी गेट है तो कम से कम इसे खोलते रहिए। जिससे जरूरत पर इसे खुलवाया जा सकें। इसके कुछ ही देर बाद गेट को खोल दिया गया।
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जमीन पर बैठे तो मंगवाई कुर्सी

राजू मिश्रा के पैर में दिक्कत है। लेकिन उनके पास बैसाखी नहीं है। डिप्टी सीएम के आने की जानकारी मिली तो वह आयुष भवन पहुंच गए। जमीन पर बैठ गए। इसको देखकर एडीएम सहित अन्य अफसर राजू से बात की। तत्काल कुर्सी मंगवाई। उसके बाद व्हील चेयर मंगवाकर इन्हें अस्पताल के अंदर भिजवाया। एडीएम ने कहा कि आपका इलाज भी होगा और बैसाखी भी मिलेंगी।

पानी की रही किल्लत
आयुष भवन में डिप्टी सीएम ने करीब एक घंटे तक स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान भवन के बाहर एडीएम, सीओ सिटी, मीडियाकर्मी मौजूद रहे। लेकिन यहां पर पानी के लिए कुछ ही टैंपर रखवाएं गए थे। लेकिन ग्लास नहीं रखवाएं। इससे लोग बोतल तलाशते रहे। यह पानी कुछ ही देर में समाप्त हो गए। इससे अफसर सहित अन्य लोग पानी को लेकर काफी परेशान रहे।

समीक्षा बैठक के कक्ष के पड़ोस में मधुमक्खियों का लगा रहा झुंड

 हाल ही में जनपद ललितपुर में मधुमक्खियों ने अफसरों पर हमला कर दिया था। इसके बाद भी जिले के अफसर संजीदा नहीं है। डिप्टी सीएम आयुष भवन में समीक्षा कर रहे थे। भवन के बाहर लगे पेड़ पर मुधमक्खियों का झुंड लगा हुआ था। अगर कोई शरारत कर देता तो इनसे निपटना वहां पर मुश्किल हो जाता। उस समय इनसे निपटने की कोई तैयारी नहीं थी। जबकि डिप्टी सीएम, एडीएम, सीएमओ सहित सभी अधीक्षक मौजूद थे। बैठक से पहले अस्पताल प्रशासन ने तैयारियों में कोई संजीदगी नहीं दिखाई।
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सीएमएस ने संभाल पाए जिम्मेदार तो शासन को लिखे पत्र

 जिला अस्पताल में लटकते तारों, खराब बिजली व्यवस्था, मरीजों की शिकायत पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई। जिला अस्पताल के आयुष भवन मेें आयोजित समीक्षा बैठक में अपर निदेशक को निर्देशित किया अगर सीएमएस जिम्मेदार निर्वहन नहीं कर पा रहे है तो इनकी रिपोर्ट तत्काल दें। इससे कठोर कार्रवाई की जा सकें।

जिला महिला अस्पताल को लेकर निर्देश दिया कि किसी भी सिजेरियन प्रसूता को वापस न किया जाए। जच्चा-बच्चा की देखभाल बेहतर ढंग से हो। उन्होंने दवा वितरण प्रणाली पर भी प्रश्न उठाए। जब अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं तो बाहर की दवाएं क्यों लिखी जा रही हैं। इस प्रश्न पर सीएमओ व सीएमएस जवाब नहीं दे पाए। कार्यशैली सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि पैथोलॉजी में 14 प्रकार की अनिवार्य जांचों की सूची बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए। कम से कम 55 आवश्यक दवाएं मानकानुसार हर समय उपलब्ध कराई जाएं। संजीवनी ऐप पर प्रत्येक मरीज की एंट्री सुनिश्चित हो। स्वास्थ्य इकाइयों पर ताले या बंद दरवाजे की शिकायतें बिल्कुल न आएं। डिप्टी सीएम ने महिलाओं को पोषण डलिया वितरित की। इस दौरान प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरू, विधायक मिश्रिख रामकृष्ण भार्गव, सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह, सीएमएस महिला डॉ. सुनीता, सीएमएस पुरूष अस्पताल डॉ. इंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
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